नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने अपने इस कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. इस बजट में सरकार ने वोटरों को लुभाने के लिए सभी वर्गों पर ध्यान देने की कोशिश की है. इस बजट पर सत्ता पक्ष जहां तालियां बजा रहा है, वहीं विपक्ष इसकी जमकर आलोचना कर रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा गुरुवार को पेश किए गए सरकार के अंतरिम बजट का होने वाले लोकसभा चुनाव में असर पड़ेगा. बता दें कि सरकार ने मध्यम वर्ग, छोटे किसानों और ग्रामीण आबादी के लिए बड़े ऐलानों के साथ एक बजट पेश किया. इस बजट को चुनाव से महीनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है. मोदी सरकार के बजट पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने एनडीटीवी से कहा कि यह बजट एक चुनावी बजट है. दरअसल, पीयूष गोयल ने अपने बजट में किसानों, नौकरीपेशा वालों और मजदूरों को साधने की कोशिश की है. इनकम टैक्स में राहत देकर सरकार ने सैलरी क्लास को लुभाने की कोशिश की है, वहीं 6 हजार सालाना देने का वादा कर किसानों के बीच अपनी पहुंच बनाने का प्रयास किया है. 

मोदी सरकार द्वारा बजट में मध्यम वर्ग और किसानों के लिए बड़े आयकर उपहार के बारे में पूछे जाने पर मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे लगता है कि इन परिस्थितियों में किसानों और मध्यम वर्ग को रियायतें देना स्पष्ट रूप से चुनाव पर असर पड़ेगा.' बता दें कि मनमोहन सिंह नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री थे. 
जब उनसे पूछा गया कि आयकर छूट पांच लाख तक बढ़ाई गई है? आपको ये स्वागत योग्य फ़ैसला लगता है? तो इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि मुझे लगता है, इन हालात में किसानों और मध्यवर्ग को रियायत देने का असर चुनाव पर पड़ेगा. बता दें कि मनमोहन सिंह भारत में आर्थिक सुधार के लिए जाने जाते हैं, जो 1991 में उदारीकरण की नीति लागू कर उन्होंने किया था. 
मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार ने अंतरिम बजट में खर्च पर कोई काम नहीं किया है. गौरतलब है कि गुरुवार को बजट पेश करने के दौरान अपने बजट भाषण में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि जिनकी सालाना सैलरी 5 लाख रुपये तक है, उन्हें कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. वहीं, उन्होंने 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों के लिए सालाना 6 हजार रुपये की मदद करने की भी घोषणा की.