प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दुर्गापुर में भाषण खत्म होने के महज कुछ ही मिनट बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर करारा हमला बोला। ममता ने कहा उनका कार्यकाम खत्म होने वाला है लेकिन वह मानसिक रूप से अभी सत्ता से बाहर जाने को तैयार नहीं है।

एक टेलीविजन चैनल से बात करते हुए पीएम मोदी के हमले से बौखलाई तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने 2002 के गुजरात दंगे को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी की तरफ से नागरिक संशोधन बिल पर समर्थन करने के लिए तृणमूल से की गई अपील को भी खारिज कर दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा- “हम इस बिल का विरोध करते हैं। उन्हें ये बिल वापस लेना होगा।”

19 जनवरी को कोलकत्ता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में करीब दो दर्जन नेताओं के साथ बैठक कर चुकीं ममता बनर्जी ने अपने पुराने स्टैंड को दोहराया कि जो भी विरोध करता है केन्द्र सरकार जांच एजेंसी की मदद लेकर उसे डराती है।
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के उस हमले का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि बनर्जी शायद डर गई हैं। प्रधानमंत्री ने दुर्गापुर रैली में कहा- “अगर आपने कुछ गलत नहीं किया तो फिर डर क्यों है? यहां तक कि मुझसे भी 9 घंटे तक पूछताछ हुई थी।”

ममता ने हमले पर जवाबी निशाना साधते हुए कहा- यह सच है कि दंगा हुआ (गुजरात में)। वह अभियुक्त थे और इसलिए उनसे (सीबीआई के द्वारा) पूछताछ की गई। क्योंकि, उनसे पूछताछ की गई इसका मतलब ये नहीं है कि वे भी अन्य से पूछताछ कराने के लिए एजेंसी का सहारा लेंगे।

आगामी चुनाव को लेकर बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस में सियासी घमासान मचा हुआ है। एक तरफ जहां बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल की 42 सीट में से कम से कम 23 सीट पर अपनी जीत चाहता हैं तो वहीं ममत बनर्जी सभी 42 सीटों पर टीएमसी की जीत सुनिश्चित करना चाहती हैं।