पटना : जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के पार्थिव शरीर लेकर आया एयरफोर्स का विशेष विमान में तकनीकी खराबी आ गई. इस कारण से घंटो तक जवानों का शव पटना एयरपोर्ट पर फंसा रहा. इस विमान में बिहार सहित कई अन्य राज्यों के शहीदों के शव लाए गए थे. इनमें दो बिहार के भी थे. बिहार के जवानों के शव को पटना में उतारने के बाद एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी के कारण उड़ान नहीं भर सका. इसके बाद संबंधित राज्यों से चॉपर और विशेष विमान मंगवाए गए.

शनिवार को एयरफोर्स का विशेष विमान (KA 2683) से जम्मू कश्मीर में शहीद हुए आठ जवानों के पार्थिव शरीर को लेकर तय मय पर पटना पहुंचा. इंजन में खराबी होने के कारण टेक ऑफ नहीं कर सका.

पटना एयरपोर्ट पर काफी देर तक छह शहीद जवानों का पार्थिव शरीर फंसा रहा. इनमें रांची के एक, कोलकाता के दो, गुवाहाटी के एक और ओड़िशा के दो जवानों का शव शामिल था. एयफोर्स के विमान में खराबी की स्थिति में अलग-अलग राज्यों से विशेष विमान मंगवाए गए. सबसे पहले ओड़िशा के के जवानों के पार्थिव शरीर को दोपहर एक बजे विशेष विमान से भेजा गया. वहीं, रांची के जवान की डेड बॉडी ले जाने के लिए एयफोर्स का विशेष चॉपर मंगवाया गया. उसी तरह बांकी जगहों के जवानों के शव को भी उनके राज्यों में भेजने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की गई. 
एयरपोर्ट डायरेक्टर राजेन्द्र सिंह लाहौरिया ने दोपहर दो बजे जी मीडिया को जानकारी दी कि सभी जवानों के पार्थिव शरीर को दो घंटे में पटना एयरपोर्ट से उनके राज्यों में भेज दिया जाएगा. इसके लिए अलग अलग जगहों से विशेष विमान की व्यवस्था करायी जा रही है.
इन तमाम गतिविधियों के बीच एक सवाल यह भी उठ रहा है कि आठ जवानों के पार्थिव शरीर को लाने वाला विमान खुद फिट कैसे नहीं था? विमान में पार्थिव शरीर के साथ सीआरपीएफ के कई अधिकारी और जवान भी सवार थे. आखिर अनफिट विमान में कैसे जवानों के पार्थिव शरीर भेजे गए? अगर पटना में लैंडिंग से पहले कोई हादसा हो जाती तो, इसके लिए कौन जिम्मेवार होता?