भारत के सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है. 40 जवानों की शहादत से देश दहल गया है. जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर पुलवामा ज‍िले मे हुइ इस घटना से देशवास‍ियों के आंसू थम नहीं रहे. जब शहीदों के शव त‍िरंगे में ल‍िपट कर उनके घर पहुंचे तो पत्थर द‍िलों के भी आंसू न‍िकल आए.

उत्तराखंड के ऊधमस‍िंह नगर के रहने वाले शहीद वीरेंद्र सिंह राणा का पार्थिव शरीर जब खटीमा पहुंचा तो श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया. वीरेंद्र सिंह के ढाई वर्ष के बेटे बयान ने अपने पिता के शव को मुखाग्नि दी. राजकीय सम्मान के साथ शहीद वीरेंद्र सिंह को अंतिम विदाई दी गई. उत्तराखंड के शहीद एएसआई मोहनलाल रतूड़ी का पार्थिव शव शनिवार की सुबह देहरादून उनके घर पहुंचा. इस दौरान उनके घर में अंतिम दर्शन के ल‍िए जनसैलाब उमड़ पड़ा. इस दौरान उनकी बहादुर बेटी ने अपने पिता को सैल्यूट किया और एकटक देखती रही. शहीद की अंत‍िम यात्रा में मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया. उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के रहने वाले शहीद पंकज त्रिपाठी का शव घर पहुंचा तो उनके गांव हरपुर बेलहिया में हजारों की संख्या में गांववाले मौजूद थे. रोते बिलखते ग्रामीणों ने शहीद के शव का सम्मान क‍िया.उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के मेजा इलाके में शहीद महेश यादव के गांव में नाराज लोगों ने जाम लगा दिया. नाराज लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए. (Story and Photo: Pankaj Srivastava, Prayagraj)
राजस्थान के कोटा में शहीद हेमराज मीणा का पार्थिव शरीर पहुंचा. हेमराज मीणा को श्रद्धांजलि देने को पूरा कोटा शहर उमड़ पड़ा. शहीद हेमराज मीणा कोटा जिले के सांगोद कस्बे के विनोद खुर्द गांव के रहने वाले थे, वहीं अंतिम संस्कार किया गया. उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सीआरपीएफ की 176वीं बटाल‍ियन के जवान राम वकील भी शहीद हो गए. शहीद राम वकील का उनके पैतृक गांव विनायकपुर बरनाहल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शन‍िवार को अंतिम संस्कार हुआ. राजस्थान के भरतपुर में राजकीय सम्मान के साथ शहीद जीतराम के शव की अंत्येष्टि में हजारों लोग पहुंचे.  परिजनों ने की खून के बदले खून की मांग की और  एक सिर के बदले चार सिर लाने की पुरजोर आवाज उठाई. अंतिम संस्कार के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी गूंजे.  शहीद के भाई ने कहा क‍ि बदला लेने के लिए मैं खुद जाऊंगा. उत्तर प्रदेश में वाराणसी के तोहफापुर गांव के रमेश यादव इस हमले में शहीद हो गए. उनका शव शन‍िवार को जब घर पहुंचा तो वहां मातम का माहौल हो गया. लोगों की त‍िरंगे में ल‍िपटे शव को कंधा द‍ेने की होड़ लगी थी.शहीद को श्रद्धाजंल‍ि देने गांव के युवा त‍िरंगा झंडा लेकर पहुंचे. हर जगह लोग ही लोग नजर आ रहे थे. शहीद रमेश यादव के पोस्टर भी रातों रात बनकर तैयार हो गए थे.शहीद रमेश 12 फरवरी यानी 2 दिन पहले ही छुट्टियां बिताकर ड्यूटी करने जम्मू-कश्मीर गए थे. पत‍ि के शव को देख पत्नी गश खाकर ग‍िर पड़ी.शहीद के शव को देख परिवार में कोहराम मच गया. शहीद को बंदूकों से सलामी दी गई. पंजाब में मोगा के शहीद जैमल सिंह को हजारों लोगों ने नम आंखों से व‍िदाई दी. प‍र‍िजन ताबूत से ल‍िपट कर रो रहे थे.शहीद जैमल सिंह का पार्थिव शरीर आज सुबह गांव कोट इसे खां स्थित उनके घर पहुंचा. सीआरपीएफ के जवान तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे थे. शहीद जैमल सिंह को अंतिम विदाई देने अकाली नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और अन्य नेता भी पहुंचे. उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के बहादुरपुर गांव का CRPF जवान अवधेश कुमार यादव भी शहीद हो गए. अंत‍िम संस्कार से पहले उन्हें बंदूकों की सलामी दी गई. आतंकी घटना से चंद घंटे पहले ही अवधेश की पत्नी व भाई से मोबाइल पर बात भी हुई थी. उसके कुछ समय बाद ही खबर आई क‍ि उनके अवधेश शहीद हो गए हैं. गंगा नदी के क‍िनारे उनका अंत‍िम संस्कार क‍िया गया. शहीद के अंत‍िम संस्कार में शाम‍िल होने के ल‍िए लोगों की भीड़ जमा थी. हर जगह लोग ही लोग नजर आ रहे थे.गंगा नदी के क‍िनारे उनका अंत‍िम संस्कार क‍िया गया. शहीद के अंत‍िम संस्कार में शाम‍िल होने के ल‍िए लोगों की भीड़ जमा थी. हर जगह लोग ही लोग नजर आ रहे थे.भारत सरकार द्वारा भेजे गए केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह उत्तर प्रदेश के शामली में शहीद प्रदीप कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए. उनको बंदूकों की सलामी देने के बाद श्रद्धांजलि अर्पित की गई. अंतिम संस्कार में भारी जनसमूह उमड़ पड़ा और सब की आंखें नम थी. साथ ही सभी शहीद प्रदीप अमर रहे,  पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. वहीं,  आज सुबह उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा पूर्व मंत्री संजीव बालियान बीजेपी के तमाम नेताओं ने शहीद को कंधा देकर फर्ज निभाया और शहीद को श्रद्धांजलि दी.उससे पहले सुबह शहीद प्रदीप कुमार का पार्थिव शरीर उनके गांव में पहुंचा. पार्थिक शरीर पहुंचते ही परिजनों में  हाहाकार मच गया. ज‍िसको देखो, उसी के आंसू टपक रहे थे. 
साथ ही शहीद की जय-जयकार कर रहे थे. वहीं, लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला. शहीद प्रदीप अमर रहे के साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे सुनने को मिले.