बर्लिन । जर्मनी के मंत्री स्वास्थ्य जेन्स स्पान ने कहा कि वह लैंगिक-रुझान बदलने का दावा करने वाले इलाज पर प्रतिबंध लगाने की मांग करेगा। स्पान ने कहा, समलैंगिकता कोई बीमारी नहीं है, इसकारण इसके इलाज की कोई जरूरत नहीं है। जेन्स स्पान स्वयं एक समलैंगिक हैं। स्पान ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि साल के मध्य तक इस तरह के उपचारों पर प्रतिबंध लगाने वाले जर्मन कानून को अपना लिया जाएगा। लैंगिक-रुझान को बदलने का इलाज अमेरिका में जड़े जमा रहा है और इसका उपयोग समलैंगिक या ट्रांसजेंडर किशोरों के माता-पिता उनकी इच्छा के खिलाफ कर रहे हैं। कुछ तकनीकों में ‘टेस्टोस्टेरोन’ की बड़ी खुराक के इंजेक्शन शामिल हैं, जबकि अन्य लोगों को करंट के झटके दिए जाते हैं। स्पान ने कहा,मैं इन उपचारों में विश्वास नहीं करता, मुख्य रूप से अपनी समलैंगिकता के कारण। स्पान चांसलर एंजेला मर्केल के रूढ़िवादी सीडीयू पार्टी के दक्षिणपंथी का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर मतदान हुआ तो अपने सहयोगियों से समर्थन मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।