मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा हो रहे ताबड़तोड़ तबादले और फिर उसको रद्द करने के आदेश पर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने फिर से निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में लेनदेन का खेल चल रहा है. गोपाल भार्गव ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए तबादलों के बाद उन्हें रद्द करने पर बड़े लेनदेन का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विधानसभा के सत्र में तबादलों समेत दूसरे मुद्दों को भी विपक्ष जोरशोर से उठाएगा.

दरअसल, कमलनाथ सरकार इस समय तबादलों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है. इससे पहले भी नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सभी बीजेपी विधायकों के नाम पत्र लिखा कि कार्यकर्ताओं को कोई अफसर प्रताड़ित करे तो मुझे बताएं. पत्र में उन्होंने विधायकों को लिखा कि विधानसभा सत्र में अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाएं.

वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भीकहा कि प्रदेश में लगातार हो रहे पुलिस अफसरों के तबादलों पर भी कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बार-बार के तबादलों से अफसरों का मनोबल गिरता है. तबादलों के जरिए अराजकता का माहौल बन रहा है. मुख्यमंत्री के नाम पर कोई सुपर पावर तबादलों में जुटा है. शिवराज ने यह भी कहा कि 15 दिन में अफसर को बदल देने से प्रशासनिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है.दूसरी ओर तबादलों को लेकर कमलनाथ सरकार में वित्त मंत्री तरुण भनोट ने पिछले दिनों सफाई दी थी. उन्होंने कहा कि सरकार बदलती है तो अधिकारी भी बदलते हैं. ऐसा पहली बार किसी राज्य में नही हो रहा है. बीजेपी शासनकाल मे भी अधिकारियों के तबादले होते थे. उन्होंने कहा कि सरकार मे कोई सुपर पावर नहीं है. सीएम कमलनाथ 9 बार लगातार सांसद रहे हैं उन्हें किसी सुपर पावर की जरूरत नही है.