मुंबई: असदुद्दीन ओवैसी ने मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसका ताल्लुक पाकिस्तान से है. इसकी जिम्मेदार पाकिस्तान की आर्मी और आईएसआई है. ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों ने हमारे जवानों को मारकर उसकी जिम्मेदारी ली है, वो जैश-ए-मोहम्मद नहीं जैश-ए-शैतान है. 

ओवैसी ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए, "मसूद अज़हर मौलाना नहीं शैतान है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कहना चाहते हैं कि अब आप अपने चेहरे से मासूमियत का नकाब उतार दो. यक़ीनन हमारे मुल्क में कई मसले हैं लेकिन जब वतन की बात आएगी तब हम सब एक हो जाएंगे." ओवैसी ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को निशाने पर लेते हुए कहा, "याद रखो कि हमने जिन्ना को ठुकराया था. भारत को बांटने की साजिश सफल नहीं होगी."  
मुंबई: असदुद्दीन ओवैसी ने मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसका ताल्लुक पाकिस्तान से है. इसकी जिम्मेदार पाकिस्तान की आर्मी और आईएसआई है. ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों ने हमारे जवानों को मारकर उसकी जिम्मेदारी ली है, वो जैश-ए-मोहम्मद नहीं जैश-ए-शैतान है. 

ओवैसी ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए, "मसूद अज़हर मौलाना नहीं शैतान है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को कहना चाहते हैं कि अब आप अपने चेहरे से मासूमियत का नकाब उतार दो. यक़ीनन हमारे मुल्क में कई मसले हैं लेकिन जब वतन की बात आएगी तब हम सब एक हो जाएंगे." ओवैसी ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को निशाने पर लेते हुए कहा, "याद रखो कि हमने जिन्ना को ठुकराया था. भारत को बांटने की साजिश सफल नहीं होगी."  

 

उन्होंने आगे कहा, "हिंदुस्तान के पीएम मोदी जी से गुजारिश है कि आप यह सोचो 200 किलो आरडीएक्स कैसे आया है, कौन जिम्मेदार है. क्या हमारी इंटेलिजेंस का फेल्योर नहीं है."  

ओवैसी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. ओवैसी ने कहा, "मैं मुसलमानों से कहूंगा कि अब कांग्रेस का साथ देना बंद कर दो. आपकी तबाही की जिम्मेदार कांग्रेस है. मुसलमानों के बच्चे जेल में हैं तो उसकी वजह कांग्रेस है. कांग्रेस ने बर्बाद कर दिया, अब प्रकाश आंबेडकर का साथ दो." 

रैली में मौजूद प्रकाश अंबेडकर ने कहा कि कांग्रेस के साथ जो झगड़ा है, वह सीटों का नहीं बल्कि सिद्धांतों का झगड़ा है. उन्होंने कहा, "कांग्रेस अपने आपको सॉफ्ट हिंदुत्वादी बता रही है और राहुल गांधी अपने आप को जनेऊधारी बताने की कोशिश कर रहे हैं..यह सब मनुवादी सरकार की तरफ जाने का इशारा है और हम इसी से लड़ रहे हैं. कांग्रेस जो सेक्युलरवादी कहती है अगर वो सच में सेक्युलरवादी बन जाएं तो हम उनके साथ आने को तैयार हैं. हमारे दरवाजे आखिरी दिन तक खुले रहेंगे."