सिवनीः इसमें कोई शक नहीं है कि, मध्य प्रदेश अब अपहरण की घटनाओं का गढ़ बनने लगा है। सतना में दो मासूमों के अपहरण के बाद हत्या से राज्य अभी उभरा भी नहीं है कि, प्रदेश के सिवनी जिले में चाकू की नोंक पर चार नाबालिग लड़कियों के अपहरण का और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बता दें कि, सोमवार की सुबह शहर की रहने वाली चार नाबालिग लड़कियां स्कूल जा रही थीं, तभी रास्ते में मिले चार युवकों ने उन्हें जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा लिया। लड़कियों ने इसका विरोध किया तो अपहरणकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें काबू में लाने के लिए कोई नशीला पदार्थ भी खिला दिया। हालांकि, चारों बच्चियों की सूझबूझ से वो किसी तरह गाड़ी से भाग निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब हो गईं।

परिजन की मदद से बच्चियों ने दर्ज कराया मामला

जान बचाकर किसी तरह अपने घर पहुंची चारों बच्चियां काफी घबराई हुई हैं। उन्होंने परिवार को बताया कि, आरोपी उन्हें करीब दो-तीन घंटे गाड़ी में घुमाते रहे। लेकिन मौका पाकर किसी तरह वो गाड़ी से कूदकर भाग आईं। परिजन ने तुरंत इस पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी, इसपर पुलिस ने भी मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद शहरभर के लोगों में देहशत का माहौल है लोगों में सवाल उठने लगे हैं, आए दिन हो रहे इन अपहरणों से वो अपने बच्चों को स्कूल कैसे भेजें?

इस तरह हुई थी अपहरण की घटना

घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित बच्चियों ने पुलिस को बताया कि, रोजाना की तरह सुबह चारों बच्चियां घर से महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल जाने के लिए निकली थीं। तभी शहर के दिलबाग नगर में बोलेरो मे सवार चार युवकों ने उनके गले पर चाकू रखते हुए गाड़ी में बैठने की धमकी दी। बच्चियों ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उन्हें जबरन गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद उन्होंने छात्राओं को कोई नशीला पदार्थ खिलाया ताकि, वो किसी तरह की सूझबूझ ना दिखा सकें। चारों अपहरणकर्ता उन्हें शहर की सड़कों पर घुमाते रहे। जैसे-तैसे मौका पाकर लड़कियां आरोपियों के चंगुल से छूटकर घर पहुंची, जहां परिजन की मदद से उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हालांकि पुलिस ने तुरंत पूरे शहर में घेराबंदी करते हुए चार में दो आरोपियों को दबोच लिया।

नशीला पदार्थ खाने से बच्चियां बीमार

जैसा कि, बच्चियों ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उन्हें कोई नशीला पदार्थ खिलाया है। घटना के बाद चारों बच्चियों की अचानक तबियत भी बिगड़ गई। जिसके बाद परिजन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जांच में नशीला पदार्थ खाने की पुष्टी भी हो गई है। बच्चियों की निशानदेही पर पकड़े गए वाहन और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, बच्चियों ने पुलिस के सामने चार आरोपी होने की बात की थी, जिसपर पुलिस पकड़े गए आरोपियों से अन्य आरोपियों के नाम और अपहरण के कारणों की पूछताछ कर रही है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि, वारदात में इस्तेमाल वाहन सिवनी के स्थानीय नेता के नाम पर दर्ज है, जो शहर के आरईएस विभाग में अटैच भी है।

पुलिस पूछताछ में खुलासा

मामले की जानकारी देते हुए सिवनी एसपी ललित शाक्यवार ने बताया कि, पीड़ित लड़कियों द्वारा दर्ज कराए गए बयान और शनाख्त के आधार पर तुरंत चार में से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसपी शाक्यवार ने बताया कि, 'हालांकि, आरोपियों से की गई प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि, लड़कियां उन्हें जानती हैं, दोनो आरोपी लड़कियों के मोहल्ले के ही हैं। फिलहाल, पुलिस ने दोनो आरोपियों पर आईपीसी की धारा 354A और 354B पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

अपहरणों से दहला एमपी

प्रदेश में आए दिन मासूम बच्चों के अपहरण की घटनाएं सामने आ रही हैं। कुछ दिनों पहले प्रदेश के इंदौर और सतना समेत कई अन्य जिलों से अपहरण की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इंदौर में किडनेप हुए बच्चे को तो पुलिस सकुशल वापस लाने में कामयाब हो गई थी, लेकिन सतना के चित्रकूट में तेल कारोबारी के जुड़वा बच्चों की जान बचाने में पुलिस नाकाम रही। फिरौती देने के बाद भी आरोपियों ने शनाख्त छुपाने के लिए दोनों बच्चों की निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद से शहर भर में काफी आक्रोश है रविवार को बच्चों की हत्या की जानकारी लगते ही शहर के लोग सड़कों पर उतर आए थे। आक्रोशित भीड़ ने जगह जगह आगजनी और तोड़फोड़ की। विपक्ष भी सरकार पर काफी हमलावर रहा। हालांकि, पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में से एक बीजेपी का स्थानीय नेता भी निकला। हालांकि, इस मामले ने पुलिस प्रशासन पर कई सवाल भी खड़े कर दिये हैं। फिलहाल, घटना के विरोध में सतना शहर बंद कर दिया गया है।पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान क साथ आज लगभग पूरा शहर मौन रहकर रैली भी निकाली। बाद में शिवराज ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कई सवाल भी खड़े किये।