भोपाल ।  मुख्यमंत्री कमल नाथ 3 मार्च की सुबह खण्डवा जिले के ग्राम दोगलिया में सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की द्वितीय चरण की सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660-660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों का लोकार्पण करेंगे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव, ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तुलसीराम सिलावट, किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री सचिन यादव, सांसद नंद कुमार सिंह चौहान एवं विधायक नारायण पटेल उपस्थित रहेंगे।
परियोजना के द्वितीय चरण की 660 मेगावाट क्षमता की इकाई क्रमांक-तीन से नवम्बर 2018 से वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ होगा। इकाई क्रमांक-चार क्षमता 660 मेगावाट, पूर्ण क्षमता (फुल लोड) पर 26 फरवरी 2019 से सफलता से संचालित है। इस इकाई से वाणिज्यिक उत्पादन इसी माह से प्रारंभ होगा।
परियोजना के प्रथम चरण में 7820 करोड़ रूपये की लागत से 600-600 मेगावाट की दो इकाइयाँ सुचारू रूप से विद्युत उत्पादन कर रही हैं। द्वितीय चरण में सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित 660-660 मेगावाट की दो इकाइयों की लागत रूपये 7738 करोड़ रुपये है। परियोजना के दोनों चरण के लिये आवश्यक समस्त अंश पूँजी राज्य शासन द्वारा दी गई है। शेष राशि ऋण के रूप में उपलब्ध कराई गई है। जनवरी 2019 तक परियोजना के द्वितीय चरण पर लागत का लगभग 76 प्रतिशत अर्थात 5863 करोड़ रुपये व्यय किया जा चुका है।
लोकार्पण के बाद सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की सबसे बड़ी परियोजना बन जाएगी। इसकी कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता 2520 मेगावाट है। कंपनी की भी कुल ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5400 मेगावाट हो जाएगी। परियोजना की दोनों इकाइयों से उत्पादित होने वाली बिजली का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के कृषि उपभोक्ताओं को मिलेगा। पिछले वर्षों में प्रदेश में विद्युत की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। परियोजना से उत्पादित बिजली से आपूर्ति में विशेष योगदान मिलेगा।