लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आज पटना के गांधी मैदान में राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 'संकल्प' रैली के जरिए अपनी ताकत दिखा रहा है। इस ऐतिहासिक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए सुबह से ही लोगाें की भारी भीड़ जुटने लगी है। प्रधानमंत्री के पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सुप्रीमो व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संबोधित करेंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी महत्वपूर्ण वक्ता होंगे।रैली को लेकर पटना के गांधी मैदान में भारी सुरक्षा के इंतजाम हैं। मैदान के बाहर भी चप्‍पे-चप्‍पे पर पुलिस तैनात है।
भीड़ के अधिक होने का अनुमान

रैली की तैयारियों में राजग के तीनों घटक दल जी जान से जुटे रहे। शायद ही कोई गांव-टोला बचा हो, जहां के लोगों को रैली में आने का आमंत्रण न मिला हो। लोगों को लाने के लिए डेढ़ दर्जन रेलगाडिय़ों के अलावा छह हजार बसों का इंतजाम किया गया है। राजधानी में आने वालों को असुविधा न हो, इसके लिए राजधानी से जोडऩे वाले सेतुओं को वन वे कर दिया गया है। इन कोशिशों से इतर अपने स्‍तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने आने वालों की संखया भी कम नहीं है। ऐसे में रैली में भारी भीड़ जुटने की उम्‍मीद जताई जा रही है।
सीमा पार की सैन्य कार्रवाई के बाद नरेंद्र मोदी को सुनने की दिलचस्पी बढ़ी है। लिहाजा, भीड़ के अधिक होने का अनुमान है।

पीएम मोदी से महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्‍मीद

रैली का राजनीतिक महत्व इसलिए बढ़ गया है कि यह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हो रही है और एक तरह से यहां से चुनाव का शंखनाद किया जाएगा। हालांकि, इसके पहले 17 फरवरी को प्रधानमंत्री ने बेगूसराय में राज्य के लिए 33 हजार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की घोषणा की थी। इसमें पटना मेट्रो की महात्वाकांक्षी परियोजना भी शामिल है। इसके बावजूद उम्मीद की जा रही है प्रधानमंत्री अपने संबोधन के दौरान राज्य के विकास के लिए कुछ और महत्वपूर्ण घोषणाएं करेंगे।

नौ साल बाद किसी चुनावी मंच पर साथ दिखेंगे मोदी-नीतीश

यह पहला अवसर होगा जब प्रधानमंत्री की हैसियत से नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक ही मंच से एनडीए के पक्ष चुनाव की कोई चर्चा करेंगे। दोनों किसी राजनीतिक रैली में नौ साल बाद एक साथ दिखेंगे।

राजग की रैली पर विपक्ष की भी नजर

राजग की इस रैली पर विपक्षी दलों की भी नजर है। इसमें जुटने वाली भीड़ के आधार पर ही विपक्ष अपनी ताकत को तौलेगा। इससे पहले फरवरी में इसी गांधी मैदान में कांग्रेस की रैली हुई थी, जिसमें पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी मुख्य वक्ता थे। महागठबंधन के अन्य दलों के नेताओं ने भी इसे संबोधित किया था।