पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर भारतीय वायुसेना के द्वारा की गई एयर स्ट्राइक से हर कोई चकित है. इस एयर स्ट्राइक में कितने आतंकवादी मारे गए, ये सवाल हर किसी के मन में बना हुआ है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में बहुत तरह के नंबर आए, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है. अमित शाह ने दावा किया कि वायुसेना की एयर स्ट्राइक में 250 से अधिक आतंकवादी मारे गए.

गुजरात के अहमदाबाद में एक रैली में अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने दावा किया कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद हर किसी को लगता था कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हो सकती है, लेकिन क्या हुआ? पुलवामा आतंकी हमले के 13वें दिन की गई मोदी सरकार की एयरस्ट्राइक में 250 से अधिक आतंकी मारे गए हैं.

अमित शाह ने कहा कि जब विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ा गया तो लोग आलोचना करने लगे, लेकिन युद्ध है तो एक जवान पकड़ा भी जा सकता है. शाह बोले कि नरेंद्र मोदी सरकार का प्रभाव ऐसा था कि विश्व में सबसे जल्द कोई युद्ध कैदी वापस आया है, तो वह अभिनंदन है.
मनीष तिवारी ने शाह को घेरा

अमित शाह के बयान पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि जब वायुसेना के अधिकारियों ने किसी भी तरह के आंकड़े को बताने से इनकार किया था, तो फिर अमित शाह इस तरह का बयान क्यों दे रहे हैं. क्या ये एयरस्ट्राइक को राजनीति से जोड़ना नहीं हुआ.
आपको बता दें कि 26 फरवरी को पाकिस्तान की सीमा में घुसे वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह किया था. वायुसेना ने अपने बयान में कहा था कि उनके निशाने टारगेट पर लगे हैं, जो वो करना चाहते थे वो किया है. हालांकि, किसी तरह का आंकड़ा जारी नहीं किया था.

एयरस्ट्राइक के बाद से ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने एयर स्ट्राइक के सबूतों की मांग की है. कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को अपने बयान में कहा था कि जिस तरह अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन के मारने के सबूत जारी किए थे, उसी तरह भारत सरकार को एयर स्ट्राइक की जानकारी सामने रखनी चाहिए.

सिर्फ दिग्विजय सिंह ही नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी केंद्र सरकार से एयर स्ट्राइक के सबूत सामने रखने की बात कही थी. विपक्ष के इन सवालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं.

रविवार को ही पटना रैली में पीएम मोदी ने कहा था कि विपक्ष के कुछ लोग इस प्रकार के सवाल उठा रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की संसद, मीडिया को फायदा मिल रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के बयान से सेना के मनोबल को तोड़ने का काम किया जा रहा है.