नई दिल्ली : कंगना रनौत अपनी फिल्म 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' की वजह से खबरों में छाई हुई हैं. 'मणिकर्णिका' से बतौर डायरेक्टर नई पारी शुरू करके कंगना ने खुद को बड़े पर्दे की क्वीन साबित कर दिया है. आज कंगना अपना 32वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं. 23 मार्च 1987 में हिमाचल के छोटे से गांव में जन्मीं कंगना ने बॉलीवुड में अपने दम पर मुकाम हासिल किया है. कंगना ने 17 साल की उम्र में अपना घर छोड़ा और सपनों की नगरी मुंबई आ गईं. महेश भट्ट की फिल्म 'गैंगस्टर' से कंगना रनौत को पहला ब्रेक मिला और इसी फिल्म के लिए कंगना ने अवॉर्ड जीता. 

पहले ऑडिशन में हुई थीं रिजेक्ट 
एक इंटरव्यू में कंगना ने बताया था कि महेश भट्ट के ऑफिस में मोहित सूरी और अनुराग बसु से मेरी मुलाकात हुई. उस वक्त गैंगस्टर के लिए ऑडिशन हो रहा था. मैंने ऑडिशन तो दिया लेकिन मेरी कम उम्र की वजह से महेश भट्ट ने मुझे रिजेक्ट कर दिया. फिल्म के लिए शाइनी आहूजा और चित्रांगदा सिंह को कास्ट कर लिया गया था. तकरीबन दो महीने बाद एक दिन अनुराग ने फोन करके कंगना को शूटिंग पर आने के लिए कहा क्योंकि चित्रांगदा किसी पर्सनल रीजन से फिल्म छोड़ चुकी थीं. अनुराग का मानना था कि मैं 'गैंगस्टर' की स्टोरी के लिए परफेक्ट हूं. इस तरह मुझे पहली फिल्म मिली.

तीन बार नेशनल अवॉर्ड विनर हैं क्वीन 
कंगना ने 'फैशन' (2009), 'क्वीन' (2014) और 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' (2015) जैसी बेहतरीन फिल्में की हैं. उन्हें अपना पहला अवॉर्ड काफी कम उम्र में ही मिल गया था. कंगना को तीन बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. कंगना पिछले 10 दिनों से कोयंबटूर में स्पेशल मेडिटेशन कर रही थीं. कंगना ने अपने इस बर्थ डे को स्पेशल बनाने के लिए 10 दिन का मौन रखा था. बता दें कि पिछले साल कंगना ने अपने नए घर में फैमिली के साथ बर्थडे सेलिब्रेट किया था और 31 पौधों भी लगाए थे. 

पापा से लड़कर पूरा किया सपना 
कंगना हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे भांबला में जन्मी थीं. कंगना की मां टीचर हैं और पिता बिजनेसमैन. कंगना दादाजी नेता थे और इस वजह से उनके घर के माहौल में राजनीति का रंग भी था. कंगना ने बॉलीवुड में आने के लिए घर में पिता से झगड़ा किया, समाज से लड़ी और एक लंबे संघर्ष के बाद आज वो बॉलीवुड की हाइएस्ट पेड एक्ट्रेसेस में से एक हैं. पिछले साल आई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कंगना  अपनी एक फिल्म के लिए 11 करोड़ रुपये तक की फीस ली थी.