नोएडा । सभी कयासाें काे खारिज कर भाजपा ने गाैतमबुद्धनगर में फिर से केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा पर भराेसा जताया है और उन्हें पार्टी ने फिर से लाेकसभा प्रत्याशी बनाया है। पिछले कुछ दिनाें से तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे कि उनका टिकट कट सकता है और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के भी गाैतमबुद्धनगर से चुनाव लड़ने की चर्चा हुई थी। यह अलग बात है कि राजनाथ सिंह ने लखनऊ से ही चुनाव लड़ने की इच्छा जताकर इस कयास काे खारिज कर दिया, फिर भी अंतरखाने सुगबुगाहट चलती रही। आखिरकार बृहस्पतिवार शाम को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा द्वारा प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करने के साथ ही महेश शर्माा को लेकर कयास खत्म हो गए हैं।

बताया जा रहा है कि लाेकसभा क्षेत्र के सभी पांच विधायकाें से यूपी प्रभारी जेपी नड्डा अाैर संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने अकेले बात की थी। इसमें कुछ विधायकाें ने राजनाथ सिंह काे गाैतमबुद्धनगर से चुनावी मैदान में उतारने काे ज्यादा बेहतर निर्णय बताकर महेश शर्मा के लिए मुश्किलें बढ़ा दी थीं। इसी बीच ग्रामीण क्षेत्र में उनके विराेध व कुछ अापत्तिजनक बाेल के वीडियाे वायरल हाेने के बाद महेश शर्मा के लिए प्रत्याशी बनने की राह अासान नहीं दिख रही थी।
वहीं, उनके समर्थक शुरू से ही इस बात काे लेकर अाश्वस्त थे कि महेश शर्मा काे ही भाजपा उम्मीदवार बनाएगी। होली के दिन पार्टी ने समर्थकों के उम्मीदों में रंग भर दिया। सुबह महेश शर्मा के साथ होली खेल खुशियां मनाने वाले समर्थक देरशाम फिर जश्न में डूब गए। महेश शर्मा काे शुभकामना देने वालाें की कतार लग गई। 

सुबह घर जाकर पंकज सिंह ने दी थी होली की बधाई
होली के दिन बृहस्पतिवार सुबह राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा विधायक पंकज सिंह भी डा. महेश शर्मा के सेक्टर 15 ए स्थित आवास पहुंचे। उन्हें होली की बधाई दी। इसके बाद से भी साफ हो गया था कि डा. महेश शर्मा ही गौतमबुद्ध नगर से चुनाव लड़ेंगे।

संघ और संगठन में पकड़ का फायदा

महेश शर्मा भाजपा संगठन के साथ आरएसएस के नेताओं के भी बेहद करीब हैं। फिर से टिकट मिलने में उन्हें इसका भी फायदा मिला। आरएसएस और संगठन ने उनके पक्ष में फीडबैक दिया।

पार्टी के अंतर से भीतरघात करने वालों से निपटना चुनौती
महेश शर्मा के लिए विपक्षी पार्टी से ज्यादा पार्टी के अंतर चुनाैती है। गाैतमबुद्धनगर से टिकट मांगने वालाें की लिस्ट में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गाेपाल कृष्ण अग्रवाल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष नवाब सिंह नागर भी शामिल थें। इन दाेनाें नेताअाें का प्रभाव नाेएडा में है। जहां बड़ी संख्या में शहरी मतदाता हैं। टिकट न मिलने से इन नेताअाें में नराजगी स्वभाविक है। साथ ही पार्टी के कुछ अन्य प्रभावशाली नेता भी महेश शर्मा के खिलाफ है। अब टिकट की घाेषणा हाे जाने के बाद महेश शर्मा के सामने सबसे बड़ी चुनाैती इन नेताअाें काे अपने पक्ष में करने की है।

महेश शर्मा का राजनीतिक सफर
महेश शर्मा बाल्य अवस्था से ही अारएसएस से जुड़ गए थे। छात्र जीवन के दाैरान एबीवीपी से जुड़े। फिर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हाे गए। वर्ष 2009 में पहली बार वह गाैतमबुद्धनगर लाेकसभा का चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़े। वह पंद्रह हजार मताें से चुनाव हार गए। वर्ष 2012 में वह नाेएडा विधानसभा का चुनाव लड़े अाैर जीत गए। वर्ष 2014 में गाैतमबुद्धनगर से भाजपा ने उन्हें फिर लाेकसभा चुनाव में उतारा। इस बार वह चुनाव जीत गए। फिर केंद्रीय मंत्री बनें।