भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी दूसरी बार जमानत की याचिका लेकर लंदन की वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश हुआ. अदालत में भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से पेश हुई क्राउन प्रोसेक्यूशन सर्विस ने कोर्ट में कहा कि नीरव मोदी ने गवाहों को धमकाते हुए एक गवाह को जान से मारने की धमकी दी है. क्राउन सर्विस ने पीएनबी घोटाला केस के गवाह आशीष लड के फोन कॉल डिटेल्स के जरिए यह खुलासा किया है.

नीरव मोदी ने आशीष को फोन करके धमकी दी है कि अगर वह कोर्ट में उसके खिलाफ गवाही देगा तो जान से हाथ धो बैठेगा. नीरव की जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने कहा कि वह कोर्ट में गवाही से पहले गवाहों को प्रभावित कर सकता है. साथ ही क्राउस एजेंसी ने कोर्ट के बताया कि नीरव कई मुल्कों की यात्रा कर चुका है. क्राउस एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि नीरव मोदी उन देशों में निवेश करके नागरिकता लेना चाहता है जिनके साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है.

जारी है कोर्ट में सुनवाई

कोर्ट में क्राउन प्रोसेक्यूशन सर्विस ने भारतीय एजेंसियों की ओर से अदालत में अतिरिक्त सबूतों के दस्तावेज पेश किये हैं. मुख्य मजिस्ट्रेट एम्मा अर्बथनॉट ने इस बारे में टिप्पणी की, ‘यह महज कुछ कागजों वाली बड़ी फाइल है.’ अर्बथनॉट ने ही पिछले साल दिसंबर में विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आदेश दिया था. नीरव मोदी के वकीलों ने सुनवाई से पहले कहा कि वे प्रभावी जमानत याचिका पेश करने की कोशिश करेंगे.

इससे पहले जिला न्यायाधीश मैरी मैलोन की अदालत में पहली सुनवाई में नीरव मोदी की जमानत याचिका खारिज की जा चुकी है. नीरव मोदी को स्कॉटलैंड यार्ड ने मध्य लंदन की एक बैंक शाखा से गिरफ्तार किया था, वह वहां नया खाता खुलवाने गया था.

ईडी के हाथ में है मामले की जांच

भारतीय एजेंसियों का पक्ष रख रहे क्राउन प्रोसेक्यूशन सर्विस ने पहली सुनवाई के दौरान कहा था कि नीरव मोदी करीब 2 अरब डॉलर के मनी लॉड्रिंग और धोखाधड़ी के मामले में वॉन्टेड है. शुक्रवार की सुनवाई में क्राउन प्रोसेक्यूशन सर्विस का सहयोग सीबीआई और प्रत्यर्पण निदेशालय की एक टीम कर रही है.

नीरव मोदी के वकीलों ने पहली सुनवाई में जमानत के लिये पांच लाख पाउंड की पेशकश की थी और कड़ी से कड़ी शर्तों को मानने पर सहमति जताई थी. ऐसा माना जा रहा है कि शुक्रवार की सुनवाई में नीरव मोदी के वकील जमानत के लिये पेशकश की राशि को बढ़ा सकते हैं.