नई दिल्ली। JNU sedition case: देश के नामी संस्थानों में शुमार जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में 'टुकड़े -टुकड़े गैंग' को लेकर शनिवार को फिर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई होगी। डीसीपी (स्पेशल सेल) को खुद कोर्ट में  हाजिर होकर यह बताना होगा कि दिल्ली सरकार से बिना अनुमति लिए उसने क्यों चार्जशीट दाखिल की है। 

इससे पहले शुक्रवार को भी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अहम सुनवाई हुई थी। इसमें कोर्ट ने डीसीपी (स्पेशल सेल) के हाजिर नहीं होने पर नाराजगी जताई थी, साथ ही कहा था कि शनिवार को होने वाली सुनवाई के दौरान जरूर मौजूद रहें। सुनवाई में यह भी बताएं कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार की बिना इजाजत के क्यों चार्जशीट दाखिल की?

ऐसा पहली बार नहीं है जब जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई नारेबाजी मामले पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पटियाला हाउस कोर्ट से फटकार पड़ी हो। इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि जब सरकार से उन्हें अनुमति नहीं मिली थी तो चार्जशीट फाइल करने की इतनी जल्दी क्या थी।
बता दें कि जेएनयू नारेबाजी मामले में पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट फाइल की थी। लेकिन जनवरी में जब वह पटियाला हाउस कोर्ट में इसे दाखिल करने पहुंचे तो कोर्ट ने इसे लेने से इनकार कर दिया। दिल्ली कोर्ट ने तब भी पूछा कि चार्जशीट फाइल करने पर दिल्ली सरकार की अनुमति क्यों नहीं ली गई।

कन्हैया समेत 10 लोगों के नाम हैं शामिल 
चार्जशीट में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया, सैयद उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य, आकिब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रईस रसूल, बशरत अली, और खलिद बशीर भट के नाम हैं। जांच एजेंसी ने इस केस में पूरी तैयारी के साथ चार्जशीट तैयार की है। इस मामले के गवाहों के बयान सीआरपीसी की ऐसी धारा के तहत दर्ज किए गए हैं कि बयान से पलटने पर उन्हें सजा मिल सकती है। पुलिस ने इसके साथ ही फरेंसिक और फेसबुक डेटा के जरिए भी साक्ष्य जुटाए हैं। 
... इसलिए फंसा पेंच

स्पेशल सेल ने दाखिल की गई चार्जशीट में जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत कई आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह की धारा-124ए लगाई है। ऐसे में कोर्ट इस धारा में सीआरपीसी की धारा-196 के तहत तभी संज्ञान ले सकता है जब दिल्ली सरकार की अनुमति मिले। अगर दिल्ली सरकार ने समय से अनुमति नहीं दी तो कोर्ट देशद्रोह की धारा-124ए पर संज्ञान नहीं लेगा और ये धारा स्वत: ही खत्म हो जाएगी।