भोपाल। एचआईवी पॉजिटिव मरीज की पहचान उजागर करने के मामले में नवदुनिया की खबर का असर हुआ है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और शुरुआती जांच के बाद हमीदिया अस्प्ताल के 6 डॉक्टर, 2 स्टाफ नर्स को शोकाज नोटिस दिया है। सभी से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के बेड के पास चस्पा एचआईवी पॉजिटिव का कागज भी हटा दिया है।

इस मामले में राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एनके जैन और मप्र राज्य एड्स नियंत्रण समिति की डायरेक्टर डॉ. अरुणा गुप्ता ने भी गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन व अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है। उल्लेखनीय है कि 'नवदुनिया" ने 29 मार्च के अंक में 'हमीदिया में मरीज के बेड के पीछे लिख दिया 'एचआईवी पॉजिटिव" शीर्षक से विशेष खबर प्रकाशित की थी।
बता दें कि हमीदिया में एक 60 वर्षीय मरीज का इलाज चल रहा है। उसके बेड के पीछे एचआईवी पॉजिटिव लिखा कागज चिपका हुआ था। ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन है। मामला सामने आने के बाद संभागीय कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव के निर्देश पर डीन डॉ. अरुणा कुमार ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी।

इसमें गायनिकोलॉजिस्ट विभाग की प्रोफेसर भारती परिहार, माइक्रो बायोलॉजी विभाग की डॉ. जया लालवानी और नर्सिंग सुप्रीटेंडेंट रामरती यादव ने एक ही दिन में 50 लोगों के बयान दर्ज किए थे। डीन की रिपोर्ट के आधार पर अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव ने ड्यूटी पर मौजूद प्रो. डॉ. संजीव गौर, प्रो. डॉ. आशीष गोहिया, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. एस उइके, डॉ. एस शर्मा, डॉ. अनुराग तिवारी, स्टाफ नर्स माया खान व ममता साहू को शोकाज नोटिस दिया है।