70 के दशक में जनता पार्टी की ओर से भिवानी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए चरखी दादरी के गांव डालावास चंद्रावती ने प्रदेश के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम बंसीलाल को करारी शिकस्त देते हुए हरियाणा की पहली महिला सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया. 1977 में जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, चरखी दादरी की चंद्रावती ने भिवानी लोकसभा क्षेत्र के पहले चुनाव में 67.62 प्रतिशत वोट लेकर जीत का जो रिकार्ड बनाया था, वह आज तक तोड़ा नहीं जा सका है.

चंद्रावती ने अपने जीवन में 14 चुनाव लड़े, संसदीय सचिव, विधायक, एमपी व राज्यपाल बनी. लेकिन मुख्यमंत्री बनने की टीस उनके मन में बनी रही. हालांकि चंद्रावती का मानना है कि बीते दशकों के दौर में राजनीति स्वच्छ व स्पष्टवादिता थी. अब के दौर में राजनीति सिर्फ भ्रष्टाचार, वंशवाद व स्वार्थ की रह गई है.

बंसीलाल को एक लाख एक हजार वोट से हराया था चंद्रावती ने

चुनाव आयोग के रिकार्ड के मुताबिक  1977 में चंद्रावती ने 2 लाख 89 हजार 135 वोट हासिल किए थे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल को 1 लाख 27 हजार 893 वोटों से ही संतोष करना पड़ा था. माना जा रहा है कि आपातकाल का फायदा चंद्रावती को मिला और वे बीएलडी की टिकट पर 67.62 प्रतिशत वोट लेकर जीतने में कामयाब रहीं. हालांकि सन 1980 के लोकसभा चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल ने 1 लाख 94 हजार 437 वोट हासिल कर जेएनपी के बलवंतराय तायल को हराने में कामयाबी हासिल की. इस चुनाव में चंद्रावती को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा.

हाईकोर्ट की पहली महिला अधिवक्ता थीं चंद्रावती

भिवानी की पहली सांसद चंद्रावती जिला ही नहीं, आस-पास के एरिया में पहली स्नातक योग्यता वाली महिला होने का गौरव हासिल किए हुए थीं. इसके साथ ही वह पंजाब व हरियाणा बार में पहली महिला अधिवक्ता भी थीं. 3 सितंबर 1928 को जन्मी चंद्रावती ने संगरूर से स्नातक की थी, वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की.

तब नहीं था इतना भ्रष्टाचार
 चंद्रावती ने बताया कि आज की राजनीति और तब की राजनीति में क्या अंतर महसूस कर रही हैं तो वयोवृद्ध नेत्री ने कहा कि उस समय राजनीति में इतना भ्रष्टाचार व्याप्त नहीं था. ईमानदार नेता का साफ पता चल जाता था, लेकिन आज हालात बहुत खराब हैं.