उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के कमालगंज में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खेलते-खेलते पांच साल की बच्ची 60 फिट गहरे बोरवेल में गिर पड़ी। मौके पर स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने उसे निकालने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। सेना के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बुलडोजर से करीब तीस फिट खुदाई कर मासूम को बचाने की कोशिश जारी थी। स्वास्थ्य टीम ने बोरवेल में ऑक्सीजन तो बिजली विभाग ने मौके पर लाइट की व्यवस्था कराई। 

रशीदपुर गांव के मजरा समसपुर निवासी नरेश राजपूत के भाई सुरेश के घर बोरिंग का काम चल रहा है। दोपहर ढाई बजे सभी मजदूर खाना खाने चले गए इसी दौरान नरेश की पुत्री सीमा बोरवेल में गिर गई। खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। नरेश के साथ सभी परिजन मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर, सीओ फोर्स भी फोर्स के साथ आ गए। दमकल टीम को बुलाया गया। एसडीएम सदर व तहसीलदार की मौजूदगी में रस्सी डालकर सीमा को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन कुछ नहीं हुआ। बुलडोजर से खुदाई शुरू कराई गई। सफलता न मिलने पर सेना को बुलाया गया। देर रात तक सीमा को बचाने का प्रयास जारी था।

बांधा बन रही बालू
सेना के जवानों की मदद से जेसीबी अभी तक थी फिट गहराई तक पहुंची थी कि रेत आ गई। रात तीन बजे तक बार बार रेत हटाई जा रही है, लेकिन बच्ची तक पहुंचने में अभी समय लगेगा। जवानों का कहना है कि बच्ची 60 फिट नीचे पत्थर की चट्टान में फंसी है।

डॉक्टरों को मिल रही हलचल
60 फिट गहरे बोरवेल में फंसी बच्ची को आक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप डाले गए हैं। डाक्टरों का कहना है कि बच्ची शिथिल जरूर पड़ गई है लेकिन उसके शरीर में हलचल हो रही है।

गांव में दुआ और प्रार्थनाएं शुरू
दोपहर दो बजे से बोरवेल में फंसी पांच साल की बच्ची सलामती के लिए गांव भर में दुआओं और प्रार्थनाओं का दोर शुरू हो गया है। उधर, घटना के बाद से बेहाल बच्ची के परिजनों को प्रशासनिक अफसर और सेना के जवान लगातार दिलासा दे रहे हैं।

टाइम लाइन

दोपहर 2:30 बजे के करीब बच्ची बोरवेल में गिरी
3:30 बजे सके करीब कमालगंज एसओ गांव में पहुंच गए
4 बजे के करीब सेना के 2 दर्जन से अधिक जवान बच्चे को बचाने के लिए पहुंच गए
शाम 4:15 बजे दो बुलडोजर गांव में पहुंचे
शाम 4.30 पर शुरू हुआ रेस्क्यू आपरेशन, जेसीबी मशीनों से खुदाई शुरू हूई
रात 9 बजे के बाद पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंच गए
रात 3 बजे लगातार जेसीबी मशीनें खुदाई में जुटी हैं