नई दिल्ली: जेट एयरवेज (Jet Airways) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. न्यूज एजेंसी भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने भुगतान नहीं होने की वजह से शुक्रवार से जेट एयरवेज को ईंधन की आपूर्ति रोक दी है. SBI नेतृत्व वाली कंसोर्टियम के पास फिलहाल कंपनी का मैनेजमेंट है. गुरुवार तक जेट के 15 से भी कम विमान परिचालन में थे. ईंधन नहीं मिलने पर सभी विमानों के ग्राउंड हो जाने की संभावना है. 25 मार्च को फैसला लिया गया था कि मैनेजमेंट को नियंत्रण में लेते ही बैंक मिलकर 1500 करोड़ रुपये की इमरजेंसी फंडिंग करेंगे. लेकिन, यह काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है.

नरेश गोयल ने बुधवार को कहा कि वे कर्जदारों (बैंक) की सभी शर्तें मानने को तैयार हैं, लेकिन एयरलाइंस को तुरंत 1500 करोड़ की जरूरत है जिसे निर्गत कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि मैंने सभी शर्तों को माना है. कंपनी को बचाने के लिए मैं सबकुछ छोड़ने के लिए तैयार हूं.
बता दें, 1500 करोड़ रुपये को इक्विटी पूंजी में बदल दिया जाएगा. इसके बाद नरेश गोयल की हिस्सेदारी घटकर 25 फीसदी और एतिहाद की हिस्सेदारी 12 फीसदी रह जाएगी. एक समय था जब जेट के बेड़े में 119 विमान थे. अब कंपनी के बेड़े में केवल 13 विमान रह गए हैं. 
गुरुवार को जेट मैनेजमेंट और बैंकर्स की बैठक हुई थी. बैठक के पाद बैंक के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे जेट में अपनी हिस्सेदारी बेचना चाह रहे हैं. इसके बाद अंदेशा होने लगा है कि जेट की डूबती नैया में अब बैंक समूह भी पैसा लगाने में हिचक रहा है. इधर DGCA ने जेट के खाली स्लॉट को दूसरे एयरलाइंस को दे दिया है.