माले: मालदीव में लोगों ने शनिवार को संसदीय चुनाव के लिए वोट डाले. यह उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह इसमें जीत हासिल कर राजनीतिक स्वतंत्रता कायम करेंगे और भ्रष्टाचार से निपटने के अपने प्रयासों को अमलीजामा पहना सकेंगे. एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि 78 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर रात चुनाव नतीजों की घोषणा किए जाने की योजना है. मोहम्मद सोलिह की ‘मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी’ 87 सदस्यीय संसद में कम से कम 44 सीटें जीतना चाहती है ताकि वह पिछले साल के राष्ट्रपति पद के चुनाव में लिए गए अपने संकल्पों को लागू करने के लिए आवश्यक विधेयक पारित कर सके.

इस समय उनके गठबंधन के पास 52 सीटें हैं लेकिन 22 सीटों वाला एक गठबंधन साझेदार पूर्व राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम के खेमे में चला गया है. मोहम्मद सोलिह ने यामीन को पिछले साल हराया था और युवा लोकतंत्र को नई उम्मीद दी थी. यामीन ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को जेल भेज दिया था.

यामीन ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को जेल भेज दिया था
यामीन ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को जेल भेज दिया था, जिसके कारण सोलीह को राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था . विपक्षी दलों ने अपने प्रतिद्वंद्वी यामीन को हराने के लिए गठबंधन किया था लेकिन सत्ता में आने के बाद गठबंधन में दरार आ गई और बार बार प्रयास करने के बावजूद सोलीह अपने वादों को अमलीजामा नहीं पहना पाए.

सोलिह की पार्टी की मुहिम प्रवक्ता अफ्शां लतीफ ने कहा कि मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी अपनी पार्टी के ही उम्मीदवार खड़ा करेगी ताकि संसद में स्थिरता आ सके और सोलिह के वादों को पूरा किया जा सके. गौरतलब है कि दशकों के निरंकुश शासन के बाद मालदीव 2008 में बहुदलीय लोकतंत्र बना था.