नई दिल्ली। हींग जहां भोजन के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है तो इसके औषधीय गुण इसे और भी खास बना देते हैं। वैसे कई लोग हींग का प्रयोग भोजन का स्‍वाद बढ़ाने में ही करते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पैदा होने वाला हींग अपने देश में कम मात्रा में ही पाया जाता है। इसलिए इसका आयात किया जाता है। दाल को तड़का लगाने, सांभर बनाने या फिर कढ़ी बनाने में हींग का खासतौर पर उपयोग किया जाता है। इसके औषधीय गुण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से निजात पाने में हमारी सहायता करते हैं। जुकाम, सर्दी, अपच आदि बीमारियों के लिए यह एक अचूक औषधि होती है। इसके अलावा भी हींग के बहुत से फायदे हैं। भारतीय रसोई में हींग की अपनी खास जगह है। भारतीय व्यंजनों में खासतौर पर खुशबू और स्वाद के लिए किया जाता है। हींग की तेज खुशबू व्यंजन में एक अलग जायका लाती है। यह दाल में तड़का लगाने से लेकर सब्जी में खुशबू के लिए भी उपयोग की जाती है। आमतौर पर ये गहरे लाल या फिर भूरे रंग की होती है। लेकिन इसके अलावा भी हींग के बहुत सारे फायदे हैं जिसकी वजह से इसका उपयोग लगभग हर किचन में किया जाता है।
जी हां हींग कई बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है। हींग के बहुत से फायदे हैं। सर्दी-जुकाम, तनाव और माइग्रेन के कारण होने वाले सिरदर्द में हींग के प्रयोग से आराम मिल जाता है। हींग में एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं इसलिए ये सिर की रक्त वाहिकाओं की सूजन को कम करने लगती है, जिससे दर्द में राहत मिलती है। इसके प्रयोग के लिए डेढ़ कप पानी में दो चुटकी हींग डालें और इसे उबालने के लिए आंच पर चढ़ा दें। जब ये पानी पकते-पकते एक कप से थोड़ा कम रह जाए, तो इसे आंच से उतार लें और इसे हल्का गुनगुना करके पी लें। हींग में कोउमारिन नाम का पदार्थ पाया जाता है। यह खून को जमने से रोकता ही है साथ ही साथ खून को पतला भी करता है। इससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। हींग में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो संक्रमण और दर्द की समस्या को  से ‎निजात ‎दिलाते हैं। अगर आपके दांतों में संक्रमण है या मसूड़ों से खून निकलने और दर्द की समस्या है, तो हींग के प्रयोग द्वारा इससे राहत पाई जा सकती है। इसके लिए दांत के जिस भी हिस्से में दर्द हो, वहां हींग का एक छोटा सा टुकड़ा रख लें और दांतों से दबा लें। 5 मिनट में आपको दर्द से राहत मिलेगी। इसके अलावा आप हींग मिले गुनगुने पानी से कुल्ला कर सकते हैं, जिससे संक्रमण खत्म हो जाता है और दर्द से ‎निजात ‎मिलता है। प्राचीन काल से हींग का इस्तेमाल पेट की हर समस्या के लिए किया जाता रहा है। हींग में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों का भंडार होता है। पेट में कीड़े पड़ जाने पर, एसिडिटी, पेट खराब हो जाने पर हींग का सेवन काफी लाभकारी होता है। हींग का सेवन करने से बलगम प्राकृतिक रूप से दूर रहता है। यह एक श्वसन उत्तेजक की तरह कार्य करती है और खांसी के उपचार में मदद करती है। शहद और अदरक के साथ हींग को मिलाकर खाने से खांसी में भी आराम मिलता है।