करनाल में बड़ौता के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर से शव निकालने के लिए पुलिस एक युवक को साथ ले गई और पानी में उतार दिया। इसी दौरान वह पानी के तेज बहाव में बह गया। जब तक गोताखोर ने उसे निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान मधुबन की अशोक विहार कॉलोनी निवासी संदीप के रूप में हुई है।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस संदीप को जबरन साथ ले गई। उन्होंने एसपी की कोठी पर विरोध प्रदर्शन कर पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग की। इस पर सब इंस्पेक्टर कृष्ण, हेड कांस्टेबल कृष्ण कुमार व एक्जम्प्टी हेड कांस्टेबल बिजेंद्र को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया गया। संदीप के पिता रामपाल ने बताया कि उनका 36 वर्षीय बेटा संदीप सुबह पक्के पुल पर चाय की दुकान पर खड़ा था। वहां पुलिस कर्मचारी आए और बोले कि तुम्हें तैरना आता है। इस पर संदीप ने हां कहा तो पुलिसकर्मी जबरन उसे नहर पर ले गए और कोई शव निकालने के लिए पानी में उतार दिया।