भोपाल । राजधानी के समीप स्थित वन विहार नेशनल पार्क में वन्यप्राणियों को गर्मी से बचाने के लिए प्रबंधन ने विशेष इंतजाम किए हैं। खास बात यह है कि वन्यप्राणियों की आदतों के हिसाब से गर्मी से राहत दिलाने के लिए प्रयास किए हैं। बाघों को सॉसर में रहना पसंद हैं, इसलिए उनके लिए बाड़े के अंदर एक-एक अतिरिक्त सॉसर बनाएं है। उनमें रोज पानी भरते हैं, यहां बाघ दोपहर भर उछलकूद कर रहे हैं। शायद शेर व तेंदुए को गर्मी में दौड़ भाग करना पसंद नहीं है, वे शांत बैठे रहते हैं इसलिए उनके लिए कूलर लगाएं हैं। वे कूलर के सामने बैठे-बैठे दिन गुजार देते हैं। भालू गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे दिन बाड़े में बैचेन हो रहे हैं उनके लिए जगह-जगह बर्फ के गोले लटका दिए हैं जिन्हें वे चूसते रहते हैं। तेंदुए के लिए सॉसर कम हैं लेकिन हाउसिंग में बकायदा कूलर लगे हैं।
     हाउसिंग की खिड़कियों पर घास के परदे लगा दिए हैं इसके कारण ठंडक बनी रहती है। शेर हाउसिंग में ही रहते हैं इनके लिए कूलर का स्थाई इंतजाम हैं। इन्हें गर्मी में एक साथ डाइट देने की बजाए टुकड़े-टुकड़े में दी जाती है। भालू गर्मी में कुछ ज्यादा बैचेन दिख रहे हैं। इनके लिए बर्फ के गोले तो रखे ही जा रहे हैं। डाइट में अधिक पानी वाले फल जैसे खरबूजा भी देते हैं। बाड़े में फव्वारे भी लगाए हैं। वन विहार प्रबंधन के मुताबिक बाघों की संख्या9, शेर 5 (साधारण व सफेद शेर को मिलाकर), तेंदुए 10, भालू 24 है, जिनके लिए खास इंतजाम किए गए हैं।इस बारे में वनविहार नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर अशोक कुमार जैन का कहना है कि गर्मी शुरू होते ही हर साल बाघ, तेंदुए व शेर के लिए खास इंतजाम करते हैं। इस बार भी कूलर लगा दिए हैं। सॉसर में चौबीस घंटे पानी भरा रखते हैं। भालुओं के लिए बर्फ के गोले का खास इंतजाम किया है।