बोगस फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने वालों ने एक दुकान पर नौकरी करने वाले को व्यापारी बना दिया। ईटीओ पूजा की ओर से फर्कपुर थाने में दर्ज केस के अनुसार आरोपितों ने फर्जी फर्म बनाकर साढ़े 48 करोड़ के फर्जी बिल जारी करते हुए 4.48 करोड़ रुपये के राजस्व की चोरी की। जांच में फर्म भी बताए पते पर नहीं मिली।

ईटीओ पूजा ने बताया कि पंकज वर्मा ने ससौली रोड पर शिवपुरी कालोनी में 26 जुलाई 2018 को मेसर्स श्रीगायत्री ट्रेडिंग कंपनी दुकान नंबर 41 में पंजीकृत करवाई गई। उस समय बिजली के बिल दिए गए थे। जब मौके पर जाकर जांच की गई तो वहां पर फर्म नहीं मिली। फर्म के बारे में काकू जिम के मालिक, एक करियाणा स्टोर और आसपास के कई लोगों से पूछताछ की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। फर्म के पंजीकरण के लिए भरे गए फार्म पर जो मोबाइल नंबर दिया गया था, उस पर भी कॉल की तो हिसार निवासी मोनू से बात हुई। उसने खुद को रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर कार्य करने वाला बताया। फर्म के बारे में उससे पूछा गया तो उसने बताया कि 15 दिन पहले ही यह सिम लिया था। गायत्री ट्रेडिंग कंपनी के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है।

 

केवल 5400 रुपये का टैक्स जमा कराया
ईटीओ पूजा ने बताया कि फर्म के नाम पर जुलाई 2018 से जनवरी 2019 तक 47 करोड़ 53 लाख दो हजार 602 रुपये के बिल जारी हुए। फर्म ने इसी दौरान 27 करोड़ 45 लाख, 32 हजार 2865 के बिल जारी किए। फर्म ने केवल 5400 रुपये का टैक्स जमा कराया। फर्म ने हरियाणा व अन्य राज्यों के व्यापारियों को बिल व ई-वे बिल जारी कर चार करोड़ 48 लाख 96 हजार 87 रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया फर्कपुर थाना प्रभारी दिनेश चौहान ने बताया कि एसपी कार्यालय के निर्देश पर केस दर्ज कर लिया गया है।