साध्वी के बयानों से परेशान है भाजपा, बयानों से चुनाव आयोग भी खफा 
भोपाल । लोकसभा चुनाव में भोपाल लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को आरएसएस के कार्यालय समिधा में बुलाकर उनके बयानों को लेकर समझाइश दी गई। साध्वी के बयानों को लेकर चुनाव आयोग जहां खफा है वहीं भाजपा को भी बचाव की मुद्रा में आना पड रहा है। साध्वी के बयानों से पार्टी हाईकमान भी नाराज है कि उनके बयान से बार-बार चुनाव आयोग द्वारा नोटिस जारी करने से माहौल खराब हो रहा है। पार्टी के बाद अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने साध्वी को समझाया है कि वे अपने शब्दों पर ध्यान दें। ऐसी बातें न कहें जिससे चुनाव आयोग नोटिस दे या आचार संहिता का उल्लंघन हो। संघ कार्यालय समिधा में साध्वी को समझाया गया कि उनके बयानों से कांग्रेस को फायदा मिल रहा है। साध्वी के साथ संघ के क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते की मुलाकात लगभग 45 मिनट तक चली। वहां से निकलने के बाद ही साध्वी के सुर बदल गए और बोली कि दिग्विजय को मैंने आतंकी नहीं कहा। भोपाल लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा भारती के बयानों से पार्टी परेशान है। एक विवाद थमता नहीं है और दूसरा खड़ा हो जाता है। नामांकन के पहले भी यही स्थिति बनी थी जिसके बाद पार्टी ने साध्वी के साथ कुछ लोगों को तैनात कर दिया, पर उसका फायदा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक साध्वी के उल्टे बयानों को लेकर पार्टी हाईकमान ने नाराजी भी जताई है। इसके बाद भी सुधार न होने से संघ नेताओं से कहा गया कि वे साध्वी को समझाएं कि चुनाव के दौरान क्या बोलना है और क्या नहीं। इसी के बाद शुक्रवार को साध्वी को संघ कार्यालय समिधा बुलाया गया था, जहां क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते ने उनके साथ बातचीत की। 
    एकांत में हुई बातचीत में साध्वी को भाजपा हाईकमान की मंशा से भी अवगत कराया गया। साध्वी प्रज्ञा ने अपने एक बयान में कहा था, 'हमें बाबरी मस्जिद का ढांचा गिराने का अफसोस नहीं है, ढांचा गिराने पर तो हम गर्व करते हैं। हमारे प्रभु रामजी के मंदिर पर अपशिष्ट पदार्थ थे, उनको हमने हटा दिया। आगे कहा था, 'हम गर्व करते हैं, इस पर हमारा स्वाभिमान जागा है, प्रभु राम जी का भव्य मंदिर भी बनाएंगे। हमने ढांचा तोड़कर हिंदुओं के स्वाभिमान को जागृत किया है। वहां भव्य मंदिर बनाकर भगवान की आराधना करेंगे, आनंद पाएंगे। प्रज्ञा के इस बयान पर भी चुनाव आयेाग ने नोटिस जारी किया था। इस पर प्रज्ञा की ओर से जवाब दिया गया, जिसे आयोग ने अस्वीकार करते हुए उन पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कराया था। इस मुद्दे पर साध्वी के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। इतना ही नहीं, प्रज्ञा ठाकुर महाराष्ट्र के एटीएस प्रमुख रहे हेमंत करकरे पर विवादित टिप्पणी कर चुकी हैं। करकरे आतंकियों की गोली से शहीद हुए थे। उसके बाद अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने पर भी उन्होंने विवादित बयान दिए। इन दोनों मामलों पर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किए थे। हेमंत करकरे को लेकर दिए गए नोटिस के जवाब में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, 'मैंने शहीद का अपमान नहीं किया है। मुझे जो यातनाएं दी गईं, केवल उसी का जिक्र किया है।"