हॉन्ग कॉन्ग । चीन के द्वीपीय हेनान प्रांत में हाल ही में जाने वाले लोगों का कहना है कि इसके दक्षिणी तट पर बड़े पैमाने पर पनडुब्बियों को तैनात किया गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से यह पता चलता है कि चीन ने परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों को रिजॉर्ट सिटी सानया के पास रणनीतिक बेस पर नियमित तौर पर तैनात किया है। यही नहीं, इन पनडुब्बियों की सुरक्षा में चीन के कई वॉरशिप और एयरक्राफ्ट भी तैनात हैं। अमेरिका का कहना है कि समुद्र में परमाणु क्षमता से लैस इन पनडुब्बियों के चीन एशिया में उसके दबदबे को कम करने की कोशिश में है। इस बेस पर ऐसी सुविधाएं विकसित की गई हैं ताकि बलिस्टिक मिसाइलों को स्टोर किया जा सके और उन्हें लोड किया जा सके। जापान और ताइवान के साथ चीन के संबंधों में तनाव की वजह बने साउथ चाइना सी के पास स्थित इस द्वीप में कई जगहों पर ऐंटिने लगे दिखते हैं, जो दूसरे देशों की पनडुब्बियों के बारे में पता लगाने का काम करते हैं। यहां एक सीनियर पनडुब्बी कर्मचारी को भी तैनात किया गया है, जिसे चीनी सेनाओं को कमांड करने की जिम्मेदारी दी गई है। सुरक्षा मसलों के जानकार, डिप्लोमैट्स और पूर्व नौसेना अधिकारियों का कहना है कि इसका अर्थ यह है कि चीन के पास अब समुद्र की लहरों के बीच भी पनडुब्बी मिसाइलें हैं, जो न्यूक्लियर अटैक कर सकती हैं और पट्रोलिंग पर हैं। यहां तैनात चीन की हर पनडुब्बी में 12 बलिस्टिक मिसाइलों को रखा जा सकता है। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक ये मिसाइलें 7,200 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती हैं। इस तरह अब अमेरिका भी चीन की समुद्र में तैनात बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज में होगा। वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक ऐंड इंटरनैशनल स्टडीज के मुताबिक चीन की ये मिसाइलें 8,000 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं।