नागौर । बालवा रोड स्थित बाल सुधार गृह में एक बाल अपचारी द्वारा गले में फांसी का फंदा लगाकर पंखे से लटक कर आत्महत्या करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बाल अपचारी का शव  फंदे पर लटका मिला था। मामले में परिजनों ने शव उठाने से मना कर दिया और परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।वहीं पुलिस परिजनों से समझाइश कर रही है। 
मामले को लेकर अधीक्षक प्रेमसिंह ने बताया कि रोजाना की तरह बाल सुधार गृह में छह अपचारी एक कमरे में सो रहे थे  ।मंगलवार सुबह चार बजे एक बाल अपचारी ने फांसी लगाई, जिसके बाद गार्ड ने इसकी सूचना दी।सूचना मिलने पर उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया, जिसके बाद बाकि लड़कों की मौजूदगी में बाल अपचारी को नीचे उतारा गया। वहीं मामले में एसीजेएम ने न्यायिक जांच भी शुरू कर दी है।बता दें कि पोस्टमार्टम भी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया। वहीं बाल अपचारी की मौत को लेकर दूसरी तरफ मृतक के चाचा ने आरोप लगाया कि उसके भतीजे ने एक दिन पहले उन्हें फोन करके बताया था कि उसे वहां प्रताडि़त किया जा रहा है।साथ ही परजिनों का आरोप है कि हमारे पहुंचने से पहले ही शव को नीचे उतारा लिया गया। 
वहीं धरने पर बैठे परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और कलेक्टर को मांगपत्र सौंपकर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। इस मामले में पुलिस की समझाइश के बाद परिजनो ने शव नहीं लिया। फिलहाल शव जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। बता दें कि मृतक बाल अपचारी पोक्सो के मामले में आरोपित था।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।