भोपाल। क्रेन उपलब्ध नहीं होने से आर्च ब्रिज का काम पिछडता जा रहा है। यह आर्च ब्रिज छोटे तालाब पर बनाया जाना है। क्रेन के अभाव में आर्च ब्रिज काम लगातार पिछड़ता जा रहा है। बीते दो सप्ताह से आर्च ब्रिज का काम बंद पडा हुआ है। बताया जा रहा है कि ब्रिज की ऊंचाई पर गर्डर चढ़ाया जाना है, लेकिन क्रेन वहां तक नहीं पहुंच पा रही है। जिससे काम बंद हो गया। निगम अधिकारियों का कहना है कि अहमदाबाद से क्रेन को लाया जाया जा रहा है। इसके बाद गर्डर चढ़ाने का काम शुरू होगा। ब्रिज की बॉटम में 101 गर्डर पहले ही लग चुके हैं। अब ऊपरी हिस्से पर ब्रिज के आर्च में 38 गर्डर लगेंगे। इन गर्डर का कुल वजन 400 टन होगा। ऊपरी हिस्से में अब तक सिर्फ 10 गर्डर ही लग पाए हैं। 
    छोटे तालाब पर कमलापति महल से गिन्नौरी घाट तक आर्च ब्रिज का निर्माण होना है। इसके लिए 1 मई 2016 को भूमिपूजन हुआ था। जुलाई 2017 में काम पूरा करने का लक्ष्य था। लेकिन डिजाइन बदलने और निगम के पास फंड की कमी से काम अटका रहा। इसके बाद प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी कंपनी को हैंडओवर किया गया, तब काम शुरू हो पाया। कई बार डेड लाइन तय की गई, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया। अब जुलाई 2019 में किया जाना है, लेकिन अभी समय लगेगा। बता दें कि आर्च ब्रिज की एप्रोच रोड सीमा में तीन-चार मकान आ रहे हैं, जिसे स्थानीय कांग्रेसी पार्षद शबिस्ता जकी व रहवासियों के विरोध के कारण नहीं हटाया जा सका। जिसको लेकर महापौर सहित भाजपा पार्षद विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं।