मध्य प्रदेश के इंदौर में कागजी कंपनी बनाकर 1100 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाकर 150 करोड़ रुपए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के मास्टरमाइंड राजू खिरैया उर्फ राजू ठक्कर को सेंट्रल एक्साइज की इन्वेस्टिगेशन विंग ने पकड़ लिया है. गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

बता दें कि संबंधित विभाग ने पिछले साल दिसंबर में इस घोटाले का खुलासा किया था. मुंबई से जगदीश कनानी और मेहुल खिरैया को पकड़ा था. इन लोगों से पूछताछ के बाद विभाग ने आगे की पड़ताल शुरू की, तो तार राजू से जुड़ गए. विभाग ने पहले नोटिस भेजकर तलब करना चाहा, लेकिन आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था. वह अहमदाबाद में रहता था, लेकिन इस दौरान वह वहां से भी नदारद हो गया था.

इसके बाद फिर उसका मोबाइल चालू हुआ, तो विभाग भी सक्रिय हो गया. सेंट्रल एक्साइज कमिश्नर नीरव मल्लिक के निर्देश पर राजू (फ्रॉड) की धरपकड़ के लिए योजना बनाई गई. एडिशनल कमिश्नर राजीव अग्रवाल और जॉइंट कमिश्नर वीरेंद्र जैन को राजू को घेरकर पकड़ने की जवाबदारी सौंपी गई. अफसरों ने अहमदाबाद पुलिस को साथ लेकर कार्रवाई की. संबंधित विभाग ने आरोपी राजू खिरैया को मंगलवार रात को ही अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद उसे इंदौर लाया गया था. अब गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

इस घोटाले में इंदौर की भी 47 ऐसी कागजी कंपनी सामने आई थी, जो फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ ले रही थी. आरोपी फर्जी कंपनी बनाने के बाद एंट्री देने के एवज में दो फीसदी कमीशन लेते थे. कुल 1100 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाकर 150 करोड़ का टैक्स घोटाला इन लोगों ने किया था.

क्या होता है इनपुट टैक्स क्रेडिट

पक्के बिल से जो माल ख़रीदा जाता है उसपर लगा जो टैक्स देय होता है, उसी पर आपको जीएसटी रिटर्न भरने से इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलता है.
ज्वेलर्स के पास मिले कुल 1 करोड़ 2 लाख रुपए की अघोषित आय

होटल अमलतास के पास एक कार से ज्वेलर्स के पास मिले 86 लाख रुपए अघोषित आय के रूप में सामने आए हैं. यह पैसा मिलने के बाद आयकर विभाग ने विवेक ज्वेलर्स पर सर्वे की कार्रवाई की थी. वहां पर जांच की तो 16 लाख रुपए की और अघोषित आय सामने आई है. इस तरह कुल 1 करोड़ 2 लाख रुपए की अघोषित आय सामने आई है. विभाग ने ज्वेलर्स के यहां दस्तावेज खंगाले तो वह 16 लाख रुपए का कोई हिसाब नहीं दे पाया.

काली कमाई के नए नियमों के हिसाब से अब 1 करोड़ 2 लाख रुपए पर 77 फीसदी पेनल्टी और टैक्स भी लगेगा. आयकर विभाग अब नोटिस देकर अगली कार्रवाई करेगा. उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले एक गोपनीय सूचना के आधार पर प्रशासन और पुलिस सक्रिय हुई थी. पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई के बाद पूरा प्रकरण आयकर विभाग को सौंप दिया था.