सीकर में मतदान के दौरान हुई मारपीट की घटना को लेकर अब सियासत गरमा गई है. प्रकरण में कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष महरिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बीजेपी-कांग्रेस में टकराव की स्थिति आ गई है. शुक्रवार को बीजेपी की ओर से सीकर बंद के आह्वान के बाद व्यापारियों के एक धड़े ने इसका विरोध जताया है. बंद के आह्वान और विरोध को देखते हुए शहर में बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है. पुलिस ने जबरन बाजार बंद करवाने के आरोप में बीजेपी जिलाध्यक्ष समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया है.दरअसल मतदान के दिन 6 मई को आरएसएस के पदाधिकारी सुधीर गर्ग के साथ मारपीट हो गई थी. इस मामले को लेकर बीजेपी प्रत्याशी सुमेधानंद और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने कोतवाली पहुंचकर वहां कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष महरिया के खिलाफ कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई थी. उसके बाद गुरुवार को यह मामला फिर तूल पकड़ गया. बीजेपी ने मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को सीकर बंद का आह्वान किया.इस पर व्यापार मंडल के एक धड़े ने बंद का विरोध जताया. उन्होंने गुरुवार देर रात जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की. बंद का विरोध कर रहे व्यापारियों ने साफ शब्दों में कहा की वे अपने प्रतिष्ठान खोलेंगे. अगर किसी ने जबरन बंद करवाने की कोशिश तो उसका विरोध किया जाएगा.स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर भारी पुलिस जाब्ता और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं. उसके बाद सुबह जबरन बाजार बंद करवा रहे बीजेपी जिलाध्यक्ष विष्णु चेतानी और भाजयुमो जिलाध्यक्ष रतन सैनी सहित कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया. पुलिस सतर्क है और बाजार में गश्त कर रही है.