नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नोएडा में छापेमारी कर करोड़ों रुपये की ड्रग्स बरामद की है. ड्रग्स बनाने की ये फैक्ट्री एक आईपीएस के घर चल रही थी. एनसीबी का दावा है कि देश में पकड़ी गई ये अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स की खेप है. बरामद ड्रग्स स्यूडोएफीड्रीन बताई जा रही है.

जानकारों की मानें तो ड्रग्स का ये खेल काफी समय से चल रहा था. पुलिस को भी कानों-कान इसकी भनक नहीं लगी थी. छापे की सारी कार्रवाई एनसीबी ने की है. सूत्रों की मानें तो एनसीबी को भी इस कारोबार की सूचना बड़े ही नाटकीय अंदाज में मिली थी.

जानकारों के अनुसार कुछ दिन पहले आईजीआई एयरपोर्ट पर एक महिला को पकड़ा गया था. महिला दक्षिणी अफ्रीका जा रही थी. महिला भी शायद पकड़ी न जाती अगर वहां तैनात सीआईएसएफ थोड़ी चलाकी न दिखाती. हुआ ये कि सीआईएसएफ जब स्कैनर से महिला के सामान की जांच कर रही थी तो उसे बैग खाने जैसा कुछ सामान दिखाई दिया.

लेकिन दिखने में बड़ा ही अजीब था. जब बैग खुलवाकर तलाशी ली गई तो उस सामान पर सीआईएसएफ को कुछ शक हुआ. महिला को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया गया. इसकी सूचना एनसीबी को दे दी गई. एनसीबी ने जब इसकी जांच की तो पाया कि ये ड्रग्स स्यूडोएफीड्रीन है. इसकी मदद से नशे की दूसरी और दवाईयां बनाई जाती हैं. एनसीबी का कहना है कि स्यूडोएफीड्रीन एक केमीकल है लेकिन इसे ठोस का रूप भी दिया जा सकता है. इस केमीकल से बना नशा दक्षिणी अफ्रीका में बहुत इस्तेमाल किया जाता है.

इसके बाद जब महिला से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि वो लोग नोएडा में एक मकान में ये सामान बनाते हैं. वहीं से इसकी सप्लाई दूसरे देशों में की जाती है. सभी नाईजीरियाई मूल के हैं. इसी के बाद सूचना को पक्का करते हुए एनसीबी ने छापे की कार्रवाई की थी.