हैदराबाद: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सीजन 12 के फाइनल में मुंबई ने चेन्नई को हराकर आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा चौथी बार खिताब पर कब्जा कर लिया. वहीं इस टूर्नामेंट में यह चौथी बार है कि चेन्नई की टीम खिताबी मुकाबला हार गई. इसमें से मुंबई ने उसे तीसरी बार हराया. इस मैच की सबसे खास बात यह रही कि मुंबई की टीम ने यह मैच आखिरी गेंद पर जीता और वह भी एक रन से, जबकि उससे पहले तक मैच किसी तरफ जा सकता था. 

लो स्कोरिंग मैच में आखिरी ओवर तक गया मैच
उम्मीद के खिलाफ मैच लो स्कोरिंग रहा. फिर भी चेन्नई की टीम लक्ष्य का पीछा न कर सकी. मुंबई ने रविवार को खेले गए इस फाइनल में चेन्नई के सामने 150 रनों का लक्ष्य रखा था. चेन्नई के लिए सब कुछ सही जा रहा था. आखिरी ओवर में उसे जीत के लिए नौ रन चाहिए थे. क्रीज पर शेन वॉटसन और रवींद्र जडेजा मौजूद थे. वहीं मुंबई के लिए जसप्रीत बुमराह का स्पेल खत्म हो चुका था ऐसे में रोहित शर्मा ने मलिंगा को ओवर सौंपा. 

पहली गेंद
 आखिरी ओवर की पहली गेंद शेन वॉटसन को खेलनी थी. मलिंगा ने सीधे सटीक यार्कर फेंकी. वॉटसन इसे लॉन्ग ऑन पर खेल गए और वे केवल एक रन ही ले सके. अब चेन्नई को जीत के लिए 5 गेंदों पर 8 रनों की जरूरत थी. 

दूसरी गेंद
इस गेंद का सामना अब जडेजा को करना था. इस बार मलिंगा की यह गेंद लो फुल टॉस हो गई लेकिन जडेजा इस गेंद को सीधे मार बैठे. मलिंगा इस गेंद को ठीक से पकड़ न सके और गेंद उनसे दूर चली गई. यहां पर जडेजा एक रन लेने में कामयाब रहे. वे खुशकिस्मत रहे कि वे रन आउट नहीं हुए. अब टीम को चार गेंदों में 7 रन की जरूरत थी. 

तीसरी गेंद 
इस गेंद को भी मलिंगा ने यार्कर डालने  की कोशिश की लेकिन यह लेग स्टंप पर लो फुल टॉस रही. वॉटसन ने यहां मिड विकेट पर दो रन ले लिए. अब टीम को जीत के लिए तीन गेदों में 5 रन चाहिए थे. 

चौथी गेंद
इस गेंद पर वॉटसन ने इस बार डीप प्वाइंट पर गेंद खेली. एक रन तो वॉटसन ने ले लिया लेकिन दूसरा रन लेने के चक्कर में वे रनआउट हो गए. वॉटसन ने 59 गेंदों में 80 रनों की पारी खेली. अब गणित दो गेंदों में चार रन हो गया था. 

पांचवी गेंद
यहां शार्दुल ठाकुर बल्लेबाजी करने आए. इस बार फिर मलिंगा ने फुलटॉस फेंकी और ठाकुर ने स्कावर पर शॉट खेल दिया यहां चेन्नई को दो रन मिले और टीम मैच में वापस आ गई. अब आखिरी गेंद पर टीम को जीत के लिए दो रन और मैच टाई करने के लिए केवल एक रन चाहिए था. 

आखिरी गेंद
सभी की धड़कने तेज थीं, इस बार मलिंगा ने स्लोअर ऑफ कटर गेंद फेंकी और शार्दुल से गेंद मिस होकर उनकी पैड में लगी. मुंबई की पूरी टीम अपील करने लगी और अंपायर ने ऊंगली उठाने में देर नहीं लगाई. इस तरह मुंबई ने यह मैच एक रन से जीत लिया. 
मैच के बाद रोहित शर्मा  ने अपनी पूरी टीम को जीत का श्रेय दिया. वहीं शानदार गेंदबाजी के लिए जसप्रीत बुमराह को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया.