मुंबई । हर मौके के लिए सही और हमेशा चलन में रहने वाली सफेद शर्ट का कोई जोड़ नहीं है। जहां एक तरफ फॉर्मल और सेमी-फॉर्मल कपड़ों की खरीद में कमी आ रही है, वहीं सफेद शर्ट का ट्रेंड थमने का नाम नहीं ले रहा। फॉर्मल वेयर की सेल भले ही 2-3 प्रतिशत पर सुस्त हो गई हो, लेकिन सफेद शर्ट की सालाना ग्रोथ पिछले तीन साल से 18-20 प्रतिशत बनी हुई है। रिटेलर्स का कहना है कि पुरुषों के लिए सफेद शर्ट का मतलब कुछ ऐसा हो गया है, जैसे महिलाओं के लिए ब्लैक ड्रेस। बिकने वाली कुल शर्ट्स में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सफेद शर्ट की है। रेमंड ने पिछले साल 11 लाख सफेद शर्ट्स बेची थीं और कंपनी ने इनके लिए अपने स्टोर्स में एक कोना अलग कर रखा है। आनलाइन साइट अमेजॉन पर सफेद शर्ट के लिए लगभग 200 ब्रांड्स लिस्टेड हैं, जो किसी भी अन्य प्रॉडक्ट कैटिगरी से ज्यादा है। शॉपर्स स्टॉप के अध्यक्ष ऑफ ब्रैंड्स नीरज नागपाल ने बताया, 'जब बात पुरुषों के फैशन की होती है तो कुछ ऐसी चीजें हैं जो आज हर पुरुष के पास होनी चाहिए। सफेद शर्ट ऐसी ही चीज है। इस किसी भी सीजन में पहना जा सकता है।' कंपनियां सफेद शर्ट को कई खूबियों के साथ बेचने में लगी हैं। वे अपनी सफेद शर्ट से बैक्टीरिया और अल्ट्रा-वॉयलेट किरणों से बचाने का दावा कर रही हैं। अमेजान फैशन के बिजनस हेड अरुण एस ने बताया कि बेंगलुरु, एनसीआर, मुंबई, पुणे और हैदराबाद में 80 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ सफेद शर्ट्स सबसे तेजी से बिकने वाला प्रॉडक्ट बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'सफेद शर्ट को सुबह से लेकर शाम तक कभी भी पहना जा सकता है। एचएंड एम, जारा, बेनेटन जैसे ब्रैंड्स की प्रिंटेड शर्ट्स का पिछले कुछ वर्षों में तेजी से चलन बढ़ा है। हालांकि मार्केटर्स का कहना है कि इसके बावजूद यंग एग्जिक्युटिव्स और नई उम्र के लोगों ने सफेद शर्ट से अभी तक मुंह नहीं मोड़ा है।