नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) का सियासी रण अपने अंतिम दौर में है. 19 मई को होने वाले आखिरी चरण के मतदान से पहले चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारक अपना पूरा दम-खम लगा रहे हैं. इन सबके बीच पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की रैलियों को अंतिम समय में अनुमति नहीं दीं. बीजेपी नेता सुनील देवधर ने सोमवार को यह जानकारी दी. 
सुनील देवधर ने बताया कि योगी आदित्यनाथ को 24 परगना जिले की 5 लोकसभा सीटों पर 15 मई को रैलियां करनी थीं. लेकिन, चुनाव आयोग ने अंतिम समय में अनुमति देने से इंकार कर दिया. देवधर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री और अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी प्रत्याशी स्मृति ईरानी को मंगलवार को पश्चिम बंगाल आना था. ईरानी के लिए जाधवपुर में एक आयोजन किया गया था. लेकिन, चुनाव आयोग ने आखिरी समय में अनुमति देने से मना कर दिया. 
 सुनील देवधर ने स्थानीय चुनाव अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस, प्रशासन और डीएम रत्नाकर राव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दलाल बने बैठे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भेदभाव कर रहा है और टीएमसी की दलाली कर रहा है. उन्होंने कहा कि 24 परगना जिले के डीएम रत्नाकर राव को तत्काल हटाया जाना चाहिए. उनके यहां रहते निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते हैं. 

बता दें कि स्थानीय चुनाव अधिकारी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को जाधवपुर में रैली की अनुमति नहीं दी थी और उनका हेलीकॉप्टर भी लैंड करने नहीं दिया था. इसके विरोध में सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता सुनील देवधर के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान सुनील देवधर ने स्थानीय चुनाव अधिकारी समेत पुलिस प्रशासन और ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए.