कोलंबो । श्री लंका में ईस्टर संडे को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों केपश्चात स्थितियां बेहद तनावपूर्ण हो गई हैं। एक तरफ कट्टरपंथियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की तरफ से कड़ी कार्रवाई की गई है तो वहीं मुस्लिम विरोधी दंगे भी भड़क गए हैं। ऐसे में श्री लंका सरकार ने सोमवार को पूरे देश में 7 घंटे के लिए रात का कर्फ्यू लागू करने की घोषणा की है। पुलिस ने बताया है कि राजधानी कोलंबो के ठीक उत्तर में कई जिलों में मुस्लिम विरोधी दंगे भड़क गए हैं। सोमवार को मुस्लिमों की दुकानों और मस्जिदों पर हमले से भीड़ को रोकने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। उत्तर पश्चिम प्रांत के मुस्लिम इलाकों के लोगों ने बताया कि भीड़ ने मस्जिदों पर हमले किए और दुकानों में तोड़फोड़ की। कोट्टमपिटिया के एक स्थानीय नागरिक मुताबिक, 'सैकड़ों की संख्या में दंगाई थे। पुलिस और सेना केवल देख रही थी। उन्होंने मस्जिदों में आग लगा दी और दुकानों को भी तोड़ डाला।'
एक स्थानीय नागरिक ने कहा, 'जब हमने घर से बाहर निकलने की कोशिश तो पुलिस ने कहा कि अंदर ही रहो।' एक आधिकारिक प्रवक्ता रुवन गुनशेखरा ने कहा कि पुलिस ने 9 बजे रात से लेकर तड़के 4 बजे तक देशव्यापी कर्फ्यू लागू किया है। इस बीच, सेना प्रमुख महेश सेनानायक ने कहा है कि सैनिकों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है तो सेना उसे देखते ही गोली मार देगी। मुस्लिमों की दुकानों और मस्जिदों पर हमले के बाद पहले तीन जिलों में कर्फ्यू लागू किया गया था। हालांकि कुछ समय बाद पुलिस ने एक बयान में पूरे देश में कर्फ्यू लागू करने की घोषणा कर दी। मालूम हो कि ईस्टर संडे धमाकों में स्थानीय कट्टरपंथियों के शामिल होने का आरोप लगा है। हालांकि आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट की तरफ से भी हमले की जिम्मेदारी देने का दावा किया गया था।
वहीं, सोमवार दिन में एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि कुलियापिटिया, हेटिपोला, बिंगिरिया और डूमलसूरिया में सुबह छह बजे कर्फ्यू हटाया गया था। उन्होंने कहा, ‘लेकिन हेटिपोला में दोपहर को सामुदायिक हिंसा के बाद मंगलवार सुबह चार बजे तक के लिए कुलियापिटिया, हेटिपोला, बिंगिरिया और डूमलसूरिया में कर्फ्यू फिर से लगा दिया गया।’ हालात बिगड़ता देख बाद में इसे पूरे देश में लागू करने का फैसला किया गया।