हापुड़ । 16 लोगों की हवस की शिकार हुई उत्तर प्रदेश के हापुड़ की युवती ७५-८० जली हालत में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती है। वह दर्द से कराह रही है और दुष्कर्म के आरोपियों से ज्यादा खुद पर नाराज है। वह कहती है, काश कि मैं मर जाती। कोई भी इस तरह के जख्मों को नहीं झेलना चाहता, लेकिन अब जबकि मैं जल चुकी हूं, तो लोग कम से कम मेरा रेप तो नहीं करेंगे। हापुड़ में दो अस्पताल में सही से इलाज नहीं मिलने पर अब पीड़िता को दिल्ली लाया है। अभी उसकी हालत स्थिर, लेकिन चिंताजनक है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए उत्तर प्रदेश के डीजीपी को खत लिखकर कार्रवाई की जानकारी मांगी है। 
    दरअसल, दुष्कर्म की शिकार पीड़िता का आरोप है कि जब वह मामले की रिपोर्ट लिखवाने गई तो पुलिस ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। २००९ में पिता और बुआ ने महज १४ साल की उम्र में उसकी शादी कर दी थी। पति उम्र में काफी बड़ा था और बाद में पता चला कि युवती को उसकी बुआ और पिता ने बेचा है। इसके बाद १६ लोगों ने उससे दुराचार किया। दुष्कर्मियों ने इसके बाद भी पीछा नहीं छोड़ा। तेजाब डालने और हत्या की धमकियां देने लगे तो आजिज पीड़िता ने जिंदगी ही खत्म करने का प्रयास किया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने १६ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़िता का दिल्ली के अस्पताल में उपचार जारी है। 
    अस्पताल में दर्द से करा रही युवती का का कहना है कि उसका दूसरा पति व्यवहार में एक राक्षस की तरह था। उसने बार-बार अपने दोस्तों से उसका दुष्कर्म करवाया। युवती की मानें तो २० से ज्यादा पुरुषों ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। इस दौरान विरोध करने पर एसिड अटैक की भी धमकी दी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि सिंभावली क्षेत्र के एक गांव निवासी उसके पिता ने १० वर्ष पूर्व (जब वह नाबालिग थी) रुपये लेकर उसका विवाह हापुड़ निवासी युवक के साथ किया था। एक साल में ही रिश्ता टूट गया। इसके बाद पिता और बुआ ने बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक युवक से १० हजार रुपये लेकर उसका दोबारा विवाह करा दिया। उसके पति ने एक गांव निवासी बाबू पुत्र राजवीर से कुछ रुपये उधार लिए थे। रकम नहीं चुकाने पर बाबू ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मामले की जानकारी देने पर भी पति खामोश रहा। इस दौरान वह गर्भवती हो गई और उसने पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद पति ने उसे कुछ घरों में काम करने के लिए भेजा। यहां गुड्डू ने दुष्कर्म किया। 
    मधु सिरोही नामक एक महिला ने भी उसके साथ दुष्कर्म करने में एक व्यक्ति की मदद की। विपिन, वेद प्रकाश, श्यामू, रामू, अनुज, केदार ने भी हवस का शिकार बनाया। विरोध करने पर आरोपितों ने उस पर तेजाब डालने की धमकी दी। इसके बाद गोपाल पुत्र तीरथ, डॉ.सुभाष, डॉ.प्रवीन, अरुण, सौरभ, नगीनू पुत्र बाबू ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। फिलहाल वह अपने प्रेमी के साथ मुरादाबाद में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोपितों के खिलाफ उसने बाबूगढ़ पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस से शिकायत करने से क्षुब्ध कुछ आरोपी २८ अप्रैल २०१९ को मुरादाबाद स्थित उसके घर पहुंचे और तेजाब डालने व जान से मारने की धमकी दी। उस समय वह घर पर अकेली थी। इससे क्षुब्ध पीड़िता ने रविवार को खुद को आग के हवाले कर लिया। आग बुझाने में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा युवक भी झुलस गया। उपचार के दौरान पीड़िता ने इंसाफ की बात करते हुए एक वीडियो बनाकर वायरल किया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। १५ नामजद समेत १६ आरोपितों पर केस दर्ज किया है। एएसपी राम मोहन सिंह का कहना है कि बाबू पुत्र राजबीर, गुड्डू पुत्र महेंद्र पाल, मधु सिरोही, विपिन पुत्र उदयवीर सिंह, गुरमीत पुत्र वेद प्रकाश, श्यामू, रामू व अनुज पुत्र धनवीर, गोपाल पुत्र तीरथ, डॉ.सुभाष, डॉ.परवीन, अरुण पुत्र अनूप, सौरभ पुत्र जगपाल सिंह, नगीनू पुत्र बाबू तेली, केदार पुत्र खुशीराम व केदार के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की है। एसपी डॉ.यशवीर सिंह ने कहा कि केस की जांच एएसपी राम मोहन सिंह और सीओ नगर राजेश कुमार करेंगे।