नई दिल्ली । दिल्ली में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। बदमाशों पर पुलिस का खौफ दिखाई नहीं दे रहा है। द्वारका मोड़ पर गैंगवॉर और मुठभेड़ के महज दो दिन बाद ही नजफगढ़ में बदमाशों ने दिनदहाड़े बीच बाजार जमकर गोलियां बरसाईं। इस गोलीबारी में जिम ट्रेनर मोहित मोर की मौत हो गई। मोहित नजफगढ़ में रहते थे और एक जिम में ट्रेनर थे। पुलिस ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4.30 बजे वह अपने एक दोस्त से मिलने फोटो स्टेट की दुकान पर पहुंचे। यह दुकान एक घर में थी। इसी दुकान पर बदमाशों ने हमला किया। नजफगढ़ की शनि मंदिर गली में तीन हमलावरों ने अचानक इस दुकान में दाखिल होकर मोहित पर गोलियां बरसा दीं। इसमें मोहित की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज में तीन बदमाश भागते हुए नजर आ रहे हैं। इनमें से दो ने हेल्मेट पहना है। वे वारदात के बाद भागते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इसे गैंगवॉर नहीं मान रही है। पुलिस ने साफ किया है कि मोहित का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड दिल्ली पुलिस में नहीं है। यह हत्या आपसी रंजिश का नतीजा है। 
हत्यारों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। शाम को इस बाजार में अच्छी खासी भीड़ थी। ऐसे में गोलियों की आवाज सुनकर पहले लोगों के बीच गैंगवॉर की खबर फैल गई। उनमें काफी दहशत भी देखी गई। नजफगढ़ के बाजार में जिस तरह मोहित मोर की हत्या की गई उससे पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मोहित मोर काफी पॉपुलर थे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके टिक-टॉक पर 5 लाख के करीब फॉलोअर्स थे। इंस्टाग्राम पर भी उनके फॉलोअर 3 हजार से अधिक थे। मोहित की हरियाणवी और बिंदास लुक को काफी पसंद किया जाता था। मोहित जिम ट्रेनर भी थे। उनका जिम नजफगढ़ में ही था। वह यहां अकेले रहते थे। मोहित का परिवार बहादुरगढ़, हरियाणा में रहता है। परिवार में उनकी मां और बड़ा भाई है। पुलिस के मुताबिक, उनके पिता की मौत हो चुकी है। मोहित का जिम भी काफी पॉपुलर था। सोशल मीडिया पर फेमस होने का फायदा भी उन्हें मिलता था। हालांकि, इस वजह से आसपास के कुछ लोगों से उनकी दुश्मनी भी थी।
घटना के समय करीब 200 से 300 मीटर तक का सफर तीन बदमाशों ने पैदल तय किया। वे तीनों स्कूटर पर सवार थे, लेकिन गली की भीड़-भाड़ को देखते हुए उन्होंने स्कूटर को गली के बाहर खड़ा किया और पैदल ही फोटो स्टेट की दुकान में पहुंचे। महज एक से दो मिनट के दौरान कई गोलियां बरसाकर वे तेजी से भागते हुए वापस आ गए। स्कूटर स्टार्ट किया और फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर गली के लोग भी आसपास की दुकानों में घुस गए थे। इसके बाद बदमाश आसानी से भाग गए। पुलिस के मुताबिक, स्कूटर की पहचान की जा रही है। आसपास से काफी सीसीटीवी फुटेज लिए गए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि बदमाश किस तरफ भागे हैं। बॉर्डर और आसपास के करीब 150 से 200 सीसीटीवी फुटेज पुलिस जुटा रही है। पुलिस की सबसे बड़ी उम्मीद बिना हेल्मेट वाला वह बदमाश है, जिसका चेहरा सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है।