पंजाब की राजनीति में लोकसभा चुनाव के बाद नवजोत सिंह सिद्धू सबसे अधिक चर्चा का विषय बन गए हैं। चुनाव के समय गूंजी सिद्धू वाणी की गूंज अब भी है और इसका राज्‍य की राजनीति खासकर कांग्रेस पर असर पड़ना तय लग रहा है। चुनाव के समय अपने खिलाफ सिद्धू के बयान पर कड़ा रुख दिखाने वाले सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह पर अब डॉ नवजोत कौर सिद्धू ने पलटवार किया है। सिद्धू की पत्‍नी

डॉ. नवजोत सिंह ने आक्रामक तेवर दिखाए है। उन्‍होंने कहा कि आखिर सिद्धू ने क्या गलत कहा, जिसकी वजह से कुछ लोगों को मिर्च लगी हुई है। दूसरी ओर शिअद और भाजपा ने कहा है, सिद्धू बताएं कि अमेठी से राहुल गांधी की हार के बाद वह सियासत कब छोड़ रहे हैं।

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह व अन्‍य मंत्रियों द्वारा सिद्धू पर निशाना साधने के बाद सामने आइर् हैं। वह बेहद आक्रामक तेवर में दिखीं। उन्‍होंने कहा, सिद्धू ने कुछ गलत नहीं कहा है, पता नहीं कुछ लोगों को मिर्जी क्‍यों लगी है। उन्होंने यही कहा कि जो लोग बादल के साथ मिले हुए है और कांग्रेस में रहते हुए पार्टी का नुकसान कर रहे है, उन्हें ठोक देना चाहिए। इसमें गलत क्या है।


नवजोत कौर का कहना है कि बठिंडा सीट को लेकर जितना हंगामा मचा हुआ हुआ अगर सिद्धू इस सीट पर प्रचार के लिए नहीं जाते तो यह सीट कांग्रेस 1.25 लाख वोटों से हार जाती। पार्टी के आंतरिक सर्वे में भी यह बात निकल कर सामने आ रही थी। यही कारण है कि पार्टी ने सिद्धू को बठिंडा सीट पर भेज कर अंतिम प्रयास किया था। सिद्धू अपनी मर्जी से बठिंडा नहीं गए थे। पार्टी हाईकमान के कहने पर ही गए थे।

यह पूछे जाने पर कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सिद्धू ने स्थानीय निकाय विभाग में कोई काम नहीं किया, नवजोत कौर ने कहा, हमारे पास सारे आंकड़े मौजूद है। सिद्धू ने केंद्र से फंसे हुए पैसे निकलवाए है। सभी विधान सभा क्षेत्रों को बराबरी से फंड एलोकेट किए। पटियाला को भी फंड गया। पटियाला में तो कांग्र्रेस की जीत हुई है। फिर इसके लिए सिद्धू को श्रेय क्यों नहीं दिया जा रहा।

उन्होंने कहा, जालंधर में जब सिद्धू ने निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की तब कांग्रेस के ही विधायक सुशील रिंकू अड़ गए, तब मुख्यमंत्री क्यों नहीं बोले। उन्होंने कहा कि बतौर स्थानीय निकाय मंत्री सिद्धू ने क्या-क्या काम किया है। उसकी पूरी रिपोर्ट तैयार है। समय आने पर पेश भी कर दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत पर हमला करते हुए नवजोत कौर ने कहा कि अंतिम समय में अगर काका रणदीप सिंह नाभा हलके में नहीं जाते तो यह क्षेत्र कांग्रेस हार जाती। वहां के लोगों ने खुल कर कह दिया था कि वह धर्मसोत के साथ नहीं है। यही हाल वहां की एमसी का है। वहां पर कोई काम करके राजी नहीं है। वहीं, साधू सिंह धर्मसोत ने पुन: दावा किया है कि सिद्धू की गलतबयानबाजी के कारण ही कांग्र्रेस को हार का मुंह देखने को मिला। इसके लिए सिद्धू ही जिम्मेदार है।

सुखबीर बादल ने कहा, अपने बयान पर अमल कर राजनीति छोड़े सिद्धू


दूसरी ओर, अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए हमेशा विवादों में रहनेवाले नवजोत सिंह सिद्धू बठिंडा की रैली में अपनी फ्रेंडली मैच वाली स्टेटमेंट और अमेठी से राहुल गांधी की हार पर सियासत छोड़ने की घोषणा पर बुरे फंस गए हैं। पंजाब के कैबिनेट मंत्री उन्हें जहां घेर रहे है, वहीं सोशल मीडिया पर भी सिद्धू से पूछा जा रहा है कि 'गुरु राहुल गांधी हार गए, आप सियासत कब छोड़ोंगे'। अमृतसर आए पूर्व उपमुख्यमंत्री व फिरोजपुर से सांसद सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि सिद्धू अपनी घोषणा का पालन करें। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए हैं। ऐसे में सिद्धू बताएं कि वह अपनी घोषणा के अनुरूप राजनीति कब छोड़ रहे हैं।

सुखबीर ने कांग्रेस में मची खींचतान पर चुटकी लेते हुए कहा कि कैप्टन व सिद्धू में एक दूसरे के खिलाफ राजनीतिक जंग शुरू हो गई है। देखों इसमें जीतता कौन है। सिद्धू को अब अपने ऐलान के अनुसार राजनीति छोड़ देनी चाहिए। जिस भी सीट पर नवजोत सिंह सिदू ने चुनाव प्रचार किया है, वहां कांग्रेस उम्मीदवार हारे हैं। उन्होंने कहा कि बादल और कैप्टन के मध्य चुनावी समझौता का शोर मचाने वाला सिद्धू का लगता है  भगवंत मान से समझौता हुआ हो। उन्होंने कहा कि जिस विभाग का सिद्धू मंत्री है आज उसी विभाग की अमृतसर शहर में ही हालत दयनीय है।

उधर, दूसरी तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने कहा कि सिद्धू फेल मंत्री साबित हुए है। पिछले दो सालों से गुरुनगरी का विकास रुका हुआ है। जिसके चलते ही शहरी हलकों से कांग्रेस को बुरी तरह से डाउनफॉल झेलना पड़ा है। दबी जुबान में कांग्रेसी भी मान रहे है कि निकाय विभाग में सिद्धू की विफलता का खामियाजा कांग्रेस को शहरी हलकों में लोकसभा चुनाव में झेलना पड़ा है।

सिद्धू व कैप्टन इस्तीफा देने का वादा पूरा करें: कमल शर्मा

जालंधर में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमल शर्मा ने कहा है कि कैप्टन सरकार हर मोर्चे पर नाकाम रही है। कैप्टन ने कहा था कि यदि वह सभी 13 सीटों न जीते तो इस्तीफा के देंगे। इसी तरह नवजोत सिंह सिद्धू ने भी कहा था कि यदि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हारे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। आज दोनों को अपने वादे पूरे करते हुए इस्तीफा देना चाहिए।

सिद्धू के कांग्रेस व शिअद के बीच फ्रेंडली मैच संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि सिद्धू यह सब हताशा में बोल रहे हैं। उनके पास अब बोलने के लिए कुछ नहीं है। सुनील जाखड़ को भावी सीएम बताने वाले कैप्टन के बयान पर कमल शर्मा ने कहा कि कैप्टन ने चुनाव में उनकी स्थिति सुधारने के लिए ही ऐसा बयान दिया होगा। ऐसी कोई बात नहीं लगती।