फिरोजपुर से एक नवविवाहिता महिला के कथित अपहरण के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में पंजाब पुलिस ने फिरोजपुर के पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू को नामजद किया था। महिला ने पंजाब एव हरियाणा हाई कोर्ट में कहा कि न तो अपने पति के साथ रहना चाहती है और न ही मां के साथ। वह अपनी महिला मित्र के साथ रहना चाहती है। उसने हाई कोर्ट में दिए बयान में कहा कि उसे पति व अपने परिजनों से खतरे है।

हाई कोर्ट में दिए बयान में कहा- पति व अपने परिजनों से खतरा है

बता दें कि फिरोजपुर पुलिस ने पिछले माह सतनाम सिंह ने अपनी पत्‍नी के अपहरण की शिकायत दी थी। उसने इसमें पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू  पर आरोप लगाया था। इसके बाद एफआइआर में दर्ज की थी। इसके बाद अपहृत बताई गई इस महिला ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस हरि पाल वर्मा की पीठ ने फिरोजपुर व होशियारपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिया।

 

इस मामले में हाईकोर्ट में दायर याचिका में महिला ने कहा था कि उसे अपने पति और परिवार वालों से खतरा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता महिला ने कहा कि वह न तो अपने पति सतनाम सिंह के साथ रहना चाहती है और न ही अपनी मां सुखबीर कौर के साथ। व

इस मामले में सुनवाई आरंभ होते ही जस्टिस वर्मा ने सरकारी वकील महिमा यशपाल को याचिकाकर्ता महिला से बात करके उसकी इच्छा जानने को कहा। इस बात के बाद एडवोकेट महिमा ने अदालत को बताया कि महिला अपने पति या मां के साथ नहीं रहना चाहती। वह अपनी एक महिला मित्र के साथ होशियारपुर में रहना चाहती है। सुनवाई के दौरान, उक्‍त महिला मित्र भी अदालत में मौजूद थी।

इस पर अदालत ने पंजाब सरकार के वकील को आदेश दिए कि इस महिला मित्र के संबंध में पड़ताल की जाए। महिला के पति सतनाम सिंह की शिकायत पर फिरोजपुर पुलिस ने लगभग एक महीने पहले अपहरण का मामला दर्ज किया था। इस मामले में महिला के पति के बयानों के आधार पर लगभग दस दिन पहले फिरोजपुर के पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू को भी आरोपितों में शामिल कर लिया गया था।