लखनऊ । प्रदेष के राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि शरीर में कोई कमी होना दोष नहीं है। यदि एक अंग की शक्ति कम होती है तो मनुष्य के पास दूसरा कोई न कोई गुण विशेष रूप से बढ़ जाता है। अलौकिक विशेषता को पहचानकर आगे बढ़ने का प्रयास करे। मजबूत इच्छाशक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो सकते हंै। समस्या को सुलझाने के लिये स्वयं रास्ते निकालें। हिम्मत न हारें, संघर्ष करते रहें क्योंकि निरन्तर आगे बढ़ते रहने वालों को ही सफलता मिलती है। भारत सरकार ने दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिये कई नये कानूनों का प्राविधान किया है।
श्री नारायण सांस्कृतिक चेतना न्यास व श्री चित्रगुप्त सभा ट्रस्ट नोएडा द्वारा दिव्यांग बच्चों के उत्साहवर्धन के लिये ‘राज्यपाल से एक मुलाकात कार्यक्रम’ का राजभवन में रविवार आयोजन किया गया। लगभग 111 दिव्यांग बच्चें नोएडा से लखनऊ तक का हवाई सफर तय करके अपने संस्था के पदाधिकारी, शिक्षकों एवं चिकित्सकों के साथ कार्यक्रम में राजभवन पहुंचे। इससे पूर्व बच्चें इसी कड़ी में जयपुर और अहमदाबाद की यात्रा कर चुके हैं। इस अवसर पर संस्था के मुख्य न्यासी डाॅ. राजन कुमार संस्था के पदाधिकारी व अन्य लोग उपस्थित थे। इस मौके पर राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में दिव्यांग बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुये कहा कि ‘आप भाग्यशाली है कि इस छोटी सी उम्र में हवाई सफर कर रहे हैं, मैंने तो 45 वर्ष की आयु तक कोई हवाई सफर नहीं किया था।