कुशीनगर । उत्तर प्रदेश के कशीनगर में बांसी नदी के खैरवा घाट पर पुल का मुद्दा फिर गर्मा गया है। सोमवार को मनोज कुंदन की अगुवाई में लोगों ने पुल बनाने की मांग उठाई और नदी में खड़े होकर हथेली में जल लेकर शपथ ली कि यदि एक माह के भीतर पुल बनवाने की पहल नहीं हुई तो सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा।
कशीनगर में बांसी नदी के खैरवा घाट पर पुल की आवश्यकता को नजर अन्दाज नही किया जा सकता। पिछले दस वर्षों में नदी पार करते समय 11 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बांसी नदी के इस खैरवा घाट के रास्ते यूपी के मिश्रौली, पिपरा टोला हिरसोटी, बालूवाड्डवा, गद्दी टोला, तथा बिहार के भुइंधरवा, जटीलही, शेखपट्टी, मछहा, चंदरपुर, बैरटावा, धोबिटोला आदि करीब दो दर्जन गांवों के लोगों का आना जाना होता है। 
ऐसे में सोमवार को मनोज कुंदन की अगुआई में आलिम अंसारी, ब्यास प्रजापति, प्रभु भारती, सागर प्रेमी, श्रीनिवास गुप्ता, मनोज गुप्ता, मैनेजर यादव, मुबारक अंसारी, शिवशंकर यादव, बचु प्रजापति, विश्वनाथ मोदी, समीउल्लाह, अजय यादव, नवीरसुल ,साधू निषाद आदि दर्जनों लोग अर्द्धनग्न होकर नदी में उतर गए हाथों में जल लेकर लड़ाई में सहयोग करने की शपथ ली।
इस सत्याग्रह के बारे में मनोज कुंदन ने बताया कि वैसे पूर्व में भी ग्रामीण करीब दो माह तक सत्याग्रह आंदोलन कर चुके हैं और अब तक पुल नही बना। अब इसके लिए  कि लोक निर्माण मंत्री से मिलकर बांसी नदी के खैरवा घाट पर पुल बनवाने की मांग की जाएगी। यदि एक माह के भीतर पुल बनाए जाने की पहल नहीं हुई तो सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया जाएगा।