अमरनाथ यात्रा के दौरान जम्मू से लेकर कश्मीर तक लगने वाले लंगरों पर सीसीटीवी कैमरे की नजर होगी। सुरक्षा के मद्देनजर राज्य प्रशासन ने फैसला लिया है। पठानकोट से जम्मू, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और बालटाल तक लंगर लगाए जाते हैं। एक जुलाई से शुरू यात्रा 46 दिन की होगी जो रक्षाबंधन वाले दिन 15 अगस्त को संपन्न होगी।

श्रद्धालुओं के लिए 105 लंगर लगाए जाएंगे जिसमें जम्मू में 17 जगहों, कठुआ में 8, ऊधमपुर में 10 और रामबन जिला में 28 स्थानों पर लंगर लगेंगे। इसके अलावा जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगहों की पहचान की गई है जिन पर लंगर लगाए जाने हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर 17 जगहों में मोबाइल टायलेट भी स्थापित किए जाएंगे।

राज्यपाल के सलाहकार विजय कुमार ने यात्रा को सुचारू बनाने के लिए प्रबंधों का जायजा लिया। जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर संजीव वर्मा ने यात्रा प्रबंधों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रशासन ने करंट रजिस्ट्रेशन के लिए भी प्रबंध किए हैं ताकि बिना एडवांस पंजीकरण के आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े। जम्मू, संगम, सरस्वती धाम, वैष्णवी धाम, राम मंदिर पुरानी मंडी में करंट पंजीकरण की व्यवस्था होगी।

 

श्रद्धालुओं को ठहराने की व्यवस्था जम्मू के यात्री निवास के अलावा शहर के मंदिरों, धर्मशालाओं में होगी। ऊधमपुर, रामबन में भी श्रद्धालुओं को ठहराने के प्रबंध किए हैं। पहलगाम और बालटाल रूटों पर सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध होंगे। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर ऊधमपुर से बनिहाल तक ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए विशेष प्रबंध होंगे ताकि भूस्खलन की स्थिति में सड़क पर जाम से निजात मिले। भूस्खलन से मलबे को हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।