आईसीसी विश्व कप इंग्लैंड-वेल्स में शुरु हो गया है। इस विश्व कप में कुछ नियम पहली बार लागू हुए हैं। इन्हें 2015 विश्व कप के बाद बनाया गया था हालांकि एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह नियम पहले ही लागू हो गये हैं। 
हैंडल द बॉल नॉटआउट: 
अगर बल्लेबाज का हवाई शॉट फील्डर के हेलमेट से लगकर उछला और किसी फील्डर ने कैच ले लिया तो बल्लेबाज को आउट करार दिया जाएगा पर हैंडल द बॉल की स्थिति में बल्लेबाज नॉटआउट रहेगा।
खराब व्यवहार पर होंगे बाहर :  
अगर अंपायर को लगा कि किसी खिलाड़ी ने बेहद खराब व्यवहार किया है, तो वह उस खिलाड़ी को आईसीसी आचार संहिता की लेवल 4 की धारा 1.3 के तहत दोषी मानते हुए फौरन मैच से बाहर कर दिया जाएगा। 
अंपायर्स कॉल पर रिव्यू खराब नहीं होगा: 
अगर बल्लेबाज या फील्डिंग टीम डीआरएस लेती है और अंपायर्स कॉल के कारण अंपायर का फैसला कायम रहता है, तो टीम का रिव्यू खराब नहीं होगा। 
बल्ले का आकार तय : 
गेंद-बल्ले में बराबरी का मुकाबला रखने के लिए बल्ले का आकार निश्चित कर दिया गया है। बल्ले की चौड़ाई 108 मि.मी, मोटाई 67 मि.मी और कोनों पर 40 मि.मी से ज्यादा नहीं हो पाएगी। संदेह होने पर अंपायर बैट गेज (माप यंत्र) से बल्ले की चौड़ाई मापी जाएगी। 
लेग बाई और बाई के रन अलग से जुड़ेंगे: 
पहले यदि कोई गेंदबाज नो बॉल फेंकता था तो इस पर बाई या लेग बाई से बने रन नो बॉल में जुड़ते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नोबॉल का रन अलग से और बाई-लेग बाई का रन अलग से जोड़ा जाएगा।