गाजियाबाद । एससी-एसटी एक्ट कोर्ट ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जलाकर मारने वाले पति को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही विशेष न्यायाधीश मलखान सिंह की अदालत ने दोषी अभियुक्त पर 4000 रु का जुर्माना लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार का कहना है कि मोरटा निवासी सतेंद्र शर्मा ने अपनी बेटी पूजा शर्मा की शादी 29 अप्रैल 2012 को अर्थला स्थित नीलमणि कॉलोनी निवासी चमन शर्मा के साथ की थी। शादी से पहले चमन के परिजनों ने बताया था कि वह मेट्रो में काम करता है। लेकिन शादी के बाद पूजा को पता चला कि चमन मेट्रो में कर्मचारी नहीं है, जबकि वह मेट्रो के ठेकेदार के नीचे काम करता था। कुछ दिन बाद वह भी नौकरी छूट गई। चमन पूजा पर दहेज लाने के लिए दबाव डाल रहा था। बेटी की खुशी के लिए पूजा के पिता ने एक बार तीन लाख और दूसरी बार ढाई लाख रुपये दिए थे, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांग बढ़ती चली गई। मांग पूरी न होने पर 21 अक्तूबर 2014 को चमन  ने पूजा पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में पूजा के पिता सतेंद्र ने चमन के खिलाफ साहिबाबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में बुधवार को अदालत ने आरोपी चमन को दोषी करार दिया है। जुर्माना न जमा करने की स्थिति में दोषी को दो महीने अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी पड़ेगी।