नई दिल्ली: जिस उम्र इस बात का अंदाजा नहीं होता कि नौकरी क्या होती है? उस उम्र में एक 13 साल के बेटे को अपने भविष्य के साथ अपने पापा का जिम्मेदारियों का एहसास कुछ ऐसा हुआ कि उसने पापा की नौकरी की बहाली के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखनी शुरू की, चिट्ठी एक दो नहीं बल्कि अब तक कानपुर के 13 साल के सार्थक तिवारी ने शुक्रवार को 37वीं चिट्ठी पीएम मोदी को भेजी है. 

समाचार एजेंसी एएनआई को सार्थक ने बताया, 'मैंने मोदी बाबा जी से अपने पिता की मदद करने प्रार्थना की है. मेरे पिता को स्टॉक एक्सचेंज के लोगों ने नौकरी छोड़ने को कहा था. मेरा मानना है कि मेरी चिट्ठियों की वजह से मेरे पिता को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. वो लोग मेरे पिता और मेरे परिवार को जान से मार देना चाहते हैं.'

साल 2016 से सार्थक लगातार पीएम मोदी को चिट्ठियां लिख रहे हैं. सार्थक इन चिट्ठियों में अपने घर की परेशानियों के बारे में भी विस्तार से लिखते हैं. सार्थक की तमन्ना है कि जो भी लोग उसके पिता के साथ गलत कर रहे हैं उन्हें कानून तौर पर सजा दी जाए.