रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा अनुसार आम नागरिकों की समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द किया जाए। इसी प्रकार विभिन्न विभागों द्वारा लोक सेवा गारंटी योजना में चिन्हित सेवाओं का लाभ आम जनता को निर्धारित अवधि में दिया जाए। श्री अग्रवाल आज रायपुर संभाग के पांच जिलों से आये कलेक्टर एवं राजस्व अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। 
राजधानी रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में राजस्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सभी राजस्व प्रकरण दर्ज होने चाहिए, कोई भी राजस्व प्रकरण अपंजीकृत नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नामांतरण और बंटवारा के प्रकरणों को आगामी दो माह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में राजस्व सचिव एन. के. खाखा, रायपुर संभाग कमिश्नर जी.आर. चुरेन्द्र, धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद, गरियाबंद, रायपुर जिले के कलेक्टर और राजस्व अधिकारी उपस्थित थे। 
राजस्व मंत्री ने कहा कि लोकसेवा गारंटी योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निराकरण सकारात्मक होना चाहिए आवेदकों को संतुष्टि मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पटवारियों के मुख्यालय में उपस्थित रहें। पटवारी निर्धारित किए गए समय एवं दिन में अनिवार्य रूप से आबंटित हलका में उपस्थित रह कर कार्य करें, ताकि ग्रामीणों को भटकना न पड़े। उन्होंने नजूल पट्टों के नवीनीकरण एवं नामांतरण का कार्य नियमित रूप से किया जाए ताकि शासन को राजस्व आय में वृद्धि हो। राजस्व मंत्री ने कहा कि ऐसे स्थान जो सार्वजनिक हितों के लिए आरक्षित है वहां किसी भी स्थिति में अतिक्रमण न हो। लोक प्रयोजनों की भूमि पर अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने विभिन्न राजस्व मदों की वसूली की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
राजस्व सचिव एन.के.खाखा ने कहा कि अवैध प्लाटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजस्व मदों पर नियमित रूप से वसूली होनी चाहिए। राजस्व अभिलेखों का नियमित रूप से अद्यतन किया जाए। भूमि परिवर्तन से संबंधित प्रकरणों में मौके पर भूमि की जांच कर कार्यवाही की जाए। रायपुर संभाग के कमिश्नर जी. आर. चुरेन्द्र ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण समय-सीमा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों के तेजी से निराकरण के लिए विशेष अभियान के साथ-साथ मैदानी स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाए।