अलीगढ़। टप्पल की बिटिया की जिस निर्ममता के साथ हत्या की गई उसे सुनकर हर कोई सिहर उठता है अंदर से कलेजा कांप उठता है। ढाई साल की मासूम के साथ दरिंदगी  की तस्वीर आज हर आंखों में जैसे मानों तैर रही है। टप्पल की बिटिया की जिस निर्ममता के साथ हत्या की गई, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठता है, अंदर से कलेजा कांप उठता है। बेटियों के लिए भय सताने लगता है कि वह कहीं भी महफूज नहीं हैं। बड़ा सवाल भी उठता है, दिल्ली की दामिनी, उन्नाव कांड, कठुआ और टप्पल कांड जैसी देश में न जाने कितनी घटनाएं होती रहेंगी? आखिर क्यों नहीं रुकती ऐसी घटनाएं?  
ढाई साल की मासूम बच्ची की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस ने एक और गिरतारी की है। इस बार पुलिस ने आरोपी को पत्नी को गिरतार किया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने अभी तक कुल चार लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में साजिशकर्ता आरोपी की पत्नी, भाई और एक दोस्त शामिल हैं। 
इधर मामले को लेकर एसएसपी का बयान सामने आया है। एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया मुख्य आरोपी जाहिद और उसकी पत्नी सबुस्ता, निवासी कानूनगो थाना टप्पल, अलीगढ़, मेहंदी हसन, पुत्र अब्बास अली निवासी ऊपरकोट थाना टप्पल, अलीगढ़ समेत चार लोगों को गिरतार किया गया है। उन्होंने कहा जांच में पाया गया है कि बच्ची का शव जाहिद की पत्नी के कपड़े में लिपटा हुआ था। हम पीड़ित परिवार से मिले हैं। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। फिलहाल, आरोप-पत्र दाखिल किया जाना है।  
डीएम ने दिया दो लाख का चैक 
वहीं टप्पल में बच्ची के परिवार से मिलने के लिए डीएम भी पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का ठोस भरोसा दिलाया। साथ ही बाल आयोग की टीम भी मौके पर पहुंची। इस दौरान जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवार को एक लाख का चेक दिया। बता दें पीड़ित परिवार को इससे पहले भी दो लाख रुपए का चेक दिया जा चुका है। 
जाहिद के घर एक फ्रिज मिला  
वहीं सबूत जुटा रही पुलिस को जाहिद के घर एक फ्रिज मिला है वो भी एक दम साफ सुथरी हालत में। ऐसे में पुलिस सम्भावना जता रही है कि बच्ची की हत्या के बाद उसके शव को फ्रिज में रखा गया होगा। मौके पर फ्रिज को देख कर लग रहा है कि शव को फेंकने के बाद फ्रिज को साफ किया गया है। पुलिस सभी बिंदुओं को लेकर जाहिद की पत्नी और भाई मेहंदी हसन से पूंछताछ कर रही है। 
जाहिद के भाई मेंहदी पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है। बताया जा रहा है कि जिस दिन मासूम बच्ची का शव मिला, उसी दिन लोगों ने मेंहदी की जमकर पिटाई की थी, जिसके बाद से वो फरार हो गया था। 
इससे पहले पुलिस ने दो आरोपियों जाहिद और असलम को गिरतार किया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। महज 10 हजार रुपए के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। यह रकम बच्ची के पिता से उधार ली गई थी और आरोपी उसे वापस नहीं कर पाया था। इस बात को लेकर आरोपी और बच्ची के पिता के बीच कहासुनी हुई और बात यहां तक आ पहुंची।   
गौरतलब हो कि अलीगढ़ के टप्पल इलाके में मासूम बच्ची 30 मई को गायब हो गयी थी। इसके बाद पुलिस को उसका क्षत-विक्षत शव 2 जून को उसके घर के निकट आरोपी के घर के नजदीक कूड़े के ढेर में मिला था।  
एक ओर जहां इस वारदात की भयावहता से पूरा देश सदमें में है और न्याय की मांग कर रहा है, वहीं अलीगढ़ में भी जगह-जगह प्रदर्शन चल रहे हैं। शनिवार को अलीगढ़ में न्याय की मांग करते हुए युवाओं का आंदोलन उग्र हो गया है। सैकड़ों की तादाद में युवा सड़कों पर उतर आए हैं और थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं टप्पल कसबे में प्रशासन ने सादी वर्दी में पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। 
वकीलों ने आरोपियों का केस लड़ने से किया इंकार 
उधर अलीगढ़ बार एसोसिएशन महासचिव अनूप कौशिक ने कहा है हम ढाई साल की बच्ची के परिवार के साथ खड़े हैं, जिसकी टप्पल में निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपी के लिए कोई वकील अदालत में पेश नहीं होगा। बाहर से वकील को मुकदमा लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम बच्चे के लिए लड़ेंगे।