महिला मुक्केबाज़ एमसी मैरीकॉम ने कहा है कि वह 2020 के टोक्यो ओलंपिक में जीत के साथ प्रशंसकों को खुशी का पूरा अवसर देंगी। मैरीकॉम ने कहा, ‘मुक्केबाज़ी मेरा जीवन और जुनून है और मैं अपनी हर सांस तक मुक्केबाजी करती रहूंगी।' छह बार की विश्व चैंपियन ने कहा, ‘30 साल से अधिक की उम्र हो जाने के बाद भी मैं रिंग में लड़ रही हूं जबकि हालात इस उम्र में विपरीत रहते हैं पर मेरा रोजाना का संघर्ष जारी है और मैं देश को गौरव दिलाना जारी रखूंगी।'
मैरीकॉम ने पिछले साल अपना छठा विश्व खिताब जीता था। देश के सर्वोच्च राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित मैरीकॉम ने जीवन में मुस्कुराहट को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुये कहा, ‘आप सभी मेरा सफर जानते हैं। इस सफर के दौरान मैंने ढेरों चुनौतियों का सामना किया है और इन चुनौतियों को काबू भी किया है। एक इंसान होने के नाते मेरे लिये भी हालात मुश्किल हो जाते हैं लेकिन इस स्थिति में एक मुस्कुराहट से मेरी ताकत वापस लौट आती है।' मैरीकॉम ने हाल ही में गुवाहाटी में इंडिया ओपन मुक्केबाजी टूर्नामेंट के दूसरे संस्करण में अपने नये 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था जबकि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबा) ने उन्हें 45 से 48 किग्रा वजन वर्ग में दुनिया में नंबर एक रैंकिंग दे दी है।
मैरीकॉम राजधानी के आईजी स्टेडियम में अपनी ट्रेनिंग भी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब वह ट्रेनिंग से थक जाती हैं तो वह खुद को प्रेरित करने के लिए खुश रहने का प्रयास करती हैं और यही बात उन्होंने परिवार में भी नयी ताकत देती है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, देश में खेलों में अपार संभावनाएं हैं और जरूरत खिलाड़ियों को सामने लाने की है।