पठानकोट: कठुआ में आठ वर्षीय एक लड़की से सामूहिक बलात्कार और हत्या के सनसनीखेज मामले में तीन मुख्य आरोपियों को सोमवार को यहां की एक अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. वकीलों ने बताया कि जिस मंदिर में अपराध हुआ था वहां की देखभाल करने वाले सांजी राम, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजुरिया और एक अन्य आरोपी परवेश कुमार को रणबीर दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश, हत्या, अपहरण, सामूहिक बलात्कार, साक्ष्यों को नष्ट करना, पीड़िता को नशीला पदार्थ खिलाना और साझी मंशा के तहत अपराध को अंजाम देने का दोषी करार दिया गया.

उन्होंने कहा कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ हत्या के लिए प्रत्येक पर एक एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही सामूहिक बलात्कार के लिए 25 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है. उन्होंने बताया कि तीन सहयोगियों- पुलिस उपनिरीक्षक आनंद दत्ता, मुख्य आरक्षक तिलक राज और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेन्दर वर्मा को साक्ष्य नष्ट करने के लिए पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई गई.

इससे पहले, पठानकोट की स्‍पेशल कोर्ट ने सात में से 6 आरोपियों को दोषी करार दिया था. 6 दोषियों के नाम सांझी राम, दीपक खजूरिया, आनंद दत्‍ता, तिलक राज, सुरेंद्र और प्रवेश हैं. वहीं कोर्ट ने विशाल जंगोत्रा को मामले से बरी कर दिया. मामले में दोषी ठहराए गए 6 आरोपियों में से 4 पुलिसकर्मी हैं. सांझी राम ग्राम प्रधान था. दीपक खजूरिया और सुरेंद्र विशेष पुलिस अधिकारी हैं. तिलक राज हेड कांस्टेबल है और आनंद दत्ता एसआई है. 3 जून को कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी.