रायपुर। पुलिस  मुख्यालय, नवा रायपुर में आज छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के सभी सेनानियों का सम्मेलन पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी ने सेनानियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस बल की कार्यशैली और बल की मानसिकता को सही ढंग से समझने के लिए सेनानी (कमाण्डेंट) पद का सेवाकाल आवश्यक है, सशस्त्र बल के जवान बहुत कठिन और चुनौती पूर्ण परिस्थितियों का सामना करते हैं और ज्यादातर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहते हैं, इन जवानों ने अपने साहस और वीरता का प्रदर्शन करते हुए बहुत बड़े-बड़े नक्सल हमलों को विफल किया है। इन जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए सेनानियों को नक्सल क्षेत्रों में जाकर उनके तैनाती स्थलों पर मिलना चाहिए, और उनके साथ बैठकर भोजन करना चाहिए, उनके साथ समय व्यतित करना चाहिए जिससे पुलिस अधिकारी और जवान दोनों अपने आपको गौरान्वित महसूस करेंगे। श्री अवस्थी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय के अधिकारी और सशस्त्र बल के उप पुलिस महानिरीक्षक भी सेनानी मुख्यालयों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कंपनियों का निरीक्षण करेंगे और जवानों की समस्याओं तथा उनके परिवार जनों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रयास करेंगे। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को भी बटालियन मुख्यालयों तथा कंपनियों का निरीक्षण करने के निर्देश जारी करने को कहा, उन्होंने कहा कि पुलिस जवानों और उनके परिवार के सदस्यों की जीवन शैली में विकास के लिये पुलिस अधिकारियों को हमेशा सोचना चाहिए। 
श्री अवस्थी ने सेनानी पद के सेवाकाल के दौरान मध्यप्रदेश की 2री वाहिनी और 14वीं वाहिनी ग्वालियर सहित विभिन्न स्थानों का स्मरण करते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर श्री अवस्थी ने ‘‘इन्द्रधनुष योजना’’ के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 8 (आठ) पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों, आरक्षक श्री प्रदीप ईजारदार 6वीं वाहिनी सीएनटी वाराणसी में सर्वोच्च प्रशिक्षु के रूप में चयनित किये जाने, एपीसी ओंकार साहू 7वीं वाहिनी पुलिस परिवार को कौशल विकास के विशेष योगदान के लिए प्रेरित किये जाने, ट्रेड आरक्षक सुशील शर्मा 7वीं वहिनी को डिजीटलाईजेशन एवं साफ्टवेयर के क्षेत्र में विशेष योगदान, सी.सी. एलेक्सियुस खाखा 11 वीं वाहिनी को बस्तर क्षेत्र में तैनाती के दौरान अत्यंत पिछड़े क्षेत्र एवं गरीब परिवार की बेटी का कन्यादान कर सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने, एपीसी अब्दुल हमीद खान 19वीं वाहिनी को सर्प पकड़ने एवं लोगों को सर्प दंश से बचाव एवं विशेष जागरूकता, आरक्षक अजय मिश्रा पीटीएस, माना में प्रशिक्षणार्थियों को कम्प्युटर का उत्कृष्ट प्रशिक्षण दिये जाने, आरक्षक संजय कुमार साहू पीटीएस माना में प्रशिक्षणार्थियों को वेपन और ड्रील का उत्कृट प्रशिक्षण देना, एपीसी नर्सिंग कैलाश नारायण साहू, एसटीएफ में नक्सली हमले में घायल पुलिस जवानों को तत्काल प्राथमिक उपचार करने के लिए प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मेलन में पीटीएस जगदलपुर द्वारा प्रकाशित मस्केटरी मेन्युवल पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, यह पुस्तिका पुलिस प्रशिक्षणार्थियों के लिये अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
सेनानी सम्मेलन में विशेष पुलिस महानिदेशक आर. के. विज ने कहा कि प्रदेश की सुरक्षा और शांती वयवस्था बनाए रखने में सशस्त्रबलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है उन्होंने सेनानियों को आश्वासन दिया कि प्रदेश की बटालियनों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने और अधोसंरचना विकसित करने, पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के लिए आवासों के निर्माण हेतु राशि की कमी नहीं होने दी जायेगी। श्री विज ने पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षण हेतु पुलिस प्रशिक्षण संस्थाओं में वृद्वि किये जाने का आश्वासन भी दिया। 
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री अवस्थी का स्वागत करते हुए पावर पाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बटालियन की रूपरेखा और वर्तमान समस्याओं तथा उपलब्धियों से अवगत कराया। श्री जुनेजा ने राज्य की सभी बटालियनों में भण्डार सामग्री का भौतिक सत्यापन कराये जाने के निर्देश दिये, उन्होंने शासन के निर्देशानुसार सभी पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश सहित सभी सुविधाएं नियमानुसार प्रदाय किय जाने के निर्देश भी दिये। श्री जुनेजा ने पुलिस कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को पुलिस मुख्यालय भेजे जाने से पूर्व सत्यापन करने के लिए निर्देशित किया, उन्होंने अच्छे कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रोत्साहित किये जाने के लिए भी निर्देशित किया। बटालियनों से आये सेनानियों ने बटालियनों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं में विस्तार, आवासों के निर्माण और नई गठित बटालियनों में प्रशासनिक कामकाज के लिए भवन निर्माण का सुझाव दिया।
पुलिस मुख्यालय के उप पुलिस महानिरीक्षक ओ. पी. पाल, श्रीमती नेहा चंपावत, आर. एस. नायक, डॉ. संजीव शुक्ला और एस.सी. द्विवेदी ने सेनानियों को समय पर ए.सी.आर. (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) भेजने ऑडिट आपत्तियों और न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण, अनुकंपा नियुक्ति और पुलिस कल्याण से संबंधित प्रकरणों का समय पर निराकरण के निर्देश दिये।